Uttar Pradesh

UP के हर जिले में 100 ‘मॉडल तालाब’: प्लास्टिक-ग्रे वाटर मुक्त जलाशयों से सुधरेगा ग्रामीण स्वास्थ्य व पर्यावरण

मॉडल तालाब बनाने के लिए चलेगा ‘मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी’ अभियान, पहले चरण में 5000 से अधिक आबादी वाले गांवों में होगा कार्य, पानी की गुणवत्ता में होगा सुधार, मच्छरजनित रोगों में आएगी कमी

गोरखपुर/लखनऊ, 26 फरवरी 2026:

यूपी सरकार ने ग्रामीण इलाकों में तालाबों के पर्यावरणीय और सामाजिक महत्व को फिर से सशक्त करने की दिशा में बड़ी पहल की है। सीएम योगी के निर्देश पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत पंचायती राज विभाग प्रदेश के सभी जिलों में 100-100 तालाबों को ‘मॉडल तालाब’ के रूप में विकसित करेगा। इन तालाबों को प्लास्टिक और ग्रे वाटर से मुक्त बनाया जाएगा। इससे जल की गुणवत्ता सुधरेगी और मच्छरजनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब केवल जल संग्रहण तक सीमित नहीं बल्कि भू-जल रिचार्ज, सिंचाई, जैव विविधता संरक्षण और सामाजिक जीवन के केंद्र रहे हैं। लेकिन रसोई, स्नान व कपड़े धोने से निकलने वाला ग्रे वाटर और प्लास्टिक अपशिष्ट सीधे तालाबों में जाने से जल प्रदूषण बढ़ रहा है। इसका असर ग्रामीण स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ‘मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत व्यापक कार्ययोजना लागू की जाएगी। इस संबंध में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) निदेशालय ने सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

प्रथम चरण में 5,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में तालाबों का चयन होगा। चयनित तालाबों में गिरने वाली नालियों की संख्या, प्रभावित परिवारों की गणना, प्रतिदिन पड़ने वाले प्लास्टिक अपशिष्ट का आकलन और बीओडी (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड) की जांच की जाएगी ताकि बाद में जल गुणवत्ता में हुए सुधार को मापा जा सके।

ये भी पढ़ें:

जिला पंचायत राज अधिकारी नीलेश प्रताप सिंह के अनुसार चयनित तालाबों के चारों ओर ‘नो प्लास्टिक जोन’ घोषित किया जाएगा। नालियों पर प्लास्टिक ट्रैप वाली जालियां और फिल्टर चैंबर लगाए जाएंगे। ग्रे वाटर के लिए बायो-फिल्टर सिस्टम विकसित होगा। इसमें कंकड़-रेत के साथ केली और केना जैसे पौधों का उपयोग कर पानी को प्राकृतिक रूप से शुद्ध किया जाएगा। सामुदायिक निगरानी के साथ यह पहल तालाबों को स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ बनाएगी। इससे ग्रामीण स्वास्थ्य और पर्यावरण में ठोस सुधार देखने को मिलेगा।

Advertisement

ये भी पढ़ें  रामनगरी अयोध्या को नई सौगात : अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम तैयार

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link