Uttarakhand

चारधाम यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह…दो हफ्तों में रजिस्ट्रेशन 6 लाख पार

19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा, मंदिर समिति ने बद्री-केदार समेत 47 मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव सरकार को भेजा

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 17 मार्च 2026:

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 को लेकर इस बार शुरुआत से ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आ रहा है। महज दो हफ्तों में 6 लाख से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। 6 से 16 मार्च के बीच कुल 6,17,853 श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया। इनमें सबसे ज्यादा 2,06,622 रजिस्ट्रेशन केदारनाथ के लिए हुए हैं। बदरीनाथ के लिए 1,82,212, गंगोत्री के लिए 1,15,763 और यमुनोत्री के लिए 1,13,256 लोगों ने नाम दर्ज कराया है।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी। केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बदरीनाथ के 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। तैयारियों को लेकर कहा गया कि केदारनाथ में पुनर्निर्माण का काम पूरा हो चुका है, जबकि बदरीनाथ में काम तेजी से जारी है। समिति ने 2026-27 के लिए 121.07 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। इसमें बदरीनाथ के लिए 57.47 करोड़ और केदारनाथ के लिए 63.60 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।

इस बार एक अहम फैसला लेते हुए समिति ने बदरीनाथ, केदारनाथ समेत अपने अधीन 47 मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक का प्रस्ताव पास कर राज्य सरकार को भेजा है। इसे परंपराओं के संरक्षण से जोड़कर देखा जा रहा है। यात्रा के दौरान मोबाइल फोन को एक तय दूरी तक ले जाने पर रोक रहेगी। फोटो और वीडियो बनाने पर भी पाबंदी लगाने की तैयारी है। इसके लिए एसओपी तैयार कर ली गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन लाइन, रेलिंग, पेयजल, बिजली, सफाई और ठहरने की व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है। ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप और तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष बनाने का भी फैसला लिया गया है। समिति का कहना है कि कोशिश यही है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित और आसानी से दर्शन मिल सकें। पिछले शीतकालीन दर्शन में भी 51 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे। इस दौरान समिति के उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्य प्रहलाद पुष्पवान और मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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