Uttar Pradesh

यूपी : 9 वर्ष में सशक्त हुए श्रमिक…ठोस नीतियों ने आर्थिक व सामाजिक मोर्चे पर दी मजबूती

प्रदेश में साकार हुई श्रमेव जयते की भावना, ई-श्रम पोर्टल पर 8.42 करोड़ पंजीकरण, 15.96 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिले

लखनऊ, 24 मार्च 2026:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में कई ठोस कदम उठाए हैं। ‘श्रमेव जयते’ की भावना को साकार करते हुए प्रदेश में संगठित और असंगठित श्रमिकों, निर्माण श्रमिकों, स्वरोजगार से जुड़े लोगों और उनके परिवार के लिए योजनाएं लागू की गईं।

यूपी सरकार द्वारा 9 वर्षों में श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और उनके जीवन स्तर में सुधार करने के व्यापक कदम उठाए गए हैं। इसका असर ये हुआ कि ई-श्रम पोर्टल पर 8.42 करोड़ श्रमिकों का पंजीकरण किया गया। इससे श्रमिकों की पहचान तो सुनिश्चित हुई ही, उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ना भी आसान हुआ। जनधन खातों के माध्यम से 9.52 करोड़ श्रमिकों को सीधे आर्थिक सहायता दी गई।

रोजगार सृजन में भी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की। ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ के तहत युवाओं को देश और विदेश में रोजगार दिलाया गया। उदाहरण के लिए 5,978 निर्माण श्रमिकों को इज़राइल में काम दिलाया गया। 13,148 रोजगार मेलों से 15.96 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी मिली, जबकि 28,621 करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों के जरिए 32 लाख से अधिक युवाओं को मार्गदर्शन मिला। सेवामित्र पोर्टल पर 59,602 कुशल श्रमिकों को सेवाओं से जोड़ा गया।

सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में पंजीकृत श्रमिकों की दुर्घटना में मृत्यु पर 5 लाख रुपये और सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। अपंजीकृत श्रमिकों को दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 2 लाख और आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये मिलते हैं। कार्यस्थल पर मौत होने पर 5 लाख रुपये सहायता और अंतिम संस्कार के लिए 25,000 रुपये का प्रावधान भी है।

श्रमिक परिवारों के कल्याण के लिए भी कई योजनाएं चलाई गईं। पुत्रियों के विवाह पर 55,000 रुपये तक, अंतरजातीय विवाह पर 61,000 रुपये तक सहायता दी जाती है। मातृत्व, शिशु और बालिका सहायता योजना के तहत 6 लाख से अधिक लाभार्थियों को लाभ मिला। बाल श्रमिक विद्या योजना में निराश्रित और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को मासिक 1,000-1,200 रुपये की सहायता दी जाती है। प्रदेश के 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालयों के जरिए श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है।

आवास और जीवन स्तर में सुधार के लिए सफाई कर्मियों को नि:शुल्क आवास दिया जा रहा है। निर्माण श्रमिकों के लिए आवास सहायता योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। श्रमिक अड्डों का निर्माण भी जारी है। पीएम श्रमयोगी मानधन योजना में 7,04,865 श्रमिक पंजीकृत हैं। अटल पेंशन योजना के जरिए 93 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। 7 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिकों को राशन कार्ड और फैमिली आईडी प्रदान कर सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया।

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