Lucknow CityUttar Pradesh

चलती मेट्रो में शतरंज का शह-मात खेल, यात्रियों ने देखा अनोखा ‘स्पीड चेस’ मुकाबला

लखनऊ के मुंशी पुलिया से हजरतगंज तक मेट्रो कोच बना चेस एरिना, स्टेशन पर ओपन मुकाबले में यात्रियों और आम लोगों ने दिखाया दम, विजेताओं को पदक से किया गया सम्मानित

लखनऊ, 20 जुलाई 2026:

अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस पर सोमवार को लखनऊ मेट्रो ने यात्रियों को एक ऐसा अनुभव दिया जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे। मेट्रो के सफर के बीच अचानक कोच में शतरंज की बिसात सजी और शुरू हो गया रोमांचक स्पीड चेस मुकाबला। चलती मेट्रो में खिलाड़ियों ने टाइम कंट्रोल के तहत एक-दूसरे को मात देने के लिए रणनीति, धैर्य और तेज निर्णय क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।

यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने ब्लैक एंड व्हाइट चेस क्लब (CCBW) के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के अवसर पर विशेष स्पीड चेस टूर्नामेंट का आयोजन किया। प्रतियोगिता का पहला चरण मुंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन से हजरतगंज मेट्रो स्टेशन तक चलती मेट्रो ट्रेन के भीतर आयोजित किया गया। इस दौरान मेट्रो कोच में लड़के और लड़कियां शतरंज की बिसात पर आमने-सामने बैठे नजर आए। यात्रियों के लिए यह नजारा बेहद अनोखा था। कई लोग अपने सफर के दौरान इस रोमांचक मुकाबले के गवाह बने।

इसके बाद हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर ओपन चेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें यात्रियों के साथ-साथ आम नागरिकों और विभिन्न आयु वर्ग के शतरंज प्रेमियों को भी भाग लेने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा, एकाग्रता, धैर्य और रणनीतिक कौशल से मुकाबलों में रोमांच भर दिया।
lucknow-metro-speed-chess-competition-international-chess-day-hazratganj (2)

ये भी पढ़ें:

आयोजन के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस पर लखनऊ मेट्रो की यह पहल युवाओं को बौद्धिक खेलों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का प्रयास है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में रचनात्मकता, एकाग्रता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देंगे।

Advertisement

हर वर्ष 20 जुलाई को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस बुद्धिमत्ता, रचनात्मकता, समावेशन और सामाजिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। लखनऊ मेट्रो ने इस आयोजन के जरिए बताया कि मेट्रो सिर्फ सफर का साधन नहीं बल्कि शहर की रचनात्मक और सामाजिक गतिविधियों का भी नया मंच बन सकती है।

ये भी पढ़ें  समीक्षा में सड़क निर्माण पर मंथन: सीएम बोले... बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में आपदा राहत निधि से बनाएं सड़कें

Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link