नोएडा, 28 मार्च 2026:
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खोल रहा है। यह सिर्फ प्रदेश की कनेक्टिविटी नहीं बढ़ाएगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश के नक्शे पर प्रमुख हब के रूप में स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताया।
यमुना एक्सप्रेसवे बनेगा निवेश इंजन
यमुना एक्सप्रेसवे और आसपास के इलाके तेजी से औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहे हैं। एयरपोर्ट के कारण मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर, डेटा सेंटर, एमएसएमई पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, हैंडीक्राफ्ट और अपैरल पार्क जैसे कई प्रोजेक्ट बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखी, जिससे हाईटेक इंडस्ट्री को मजबूती मिली। भविष्य में फिनटेक सिटी जैसे अत्याधुनिक प्रोजेक्ट भी विकसित होंगे।

निर्यात व वैश्विक कनेक्टिविटी में बढ़त
मल्टी मोडल कार्गो हब बनने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ेगा। इससे यूपी के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार तक तेजी से पहुंचेंगे और निर्यात को नई गति मिलेगी। अनुमान है कि इससे लगभग 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि करीब 60,000 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि पैदा होगी। सरकार को लगभग 2000 करोड़ रुपये का कर राजस्व मिलने की उम्मीद है।
दीर्घकालिक विकास से अपार होगी निवेश क्षमता
इस परियोजना का कंसेशन पीरियड 40 वर्षों का है। अनुमान है कि 2061-62 तक यह एयरपोर्ट 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय उत्पन्न कर सकेगा। कुल मिलाकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यूपी में निवेश, उद्योग, निर्यात और रोजगार के लिए समग्र विकास मॉडल बनकर उभर रहा है और आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।






