लखनऊ/नोयडा, 29 मार्च 2026:
यूपी के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोकार्पण के साथ ही देश के सबसे सुरक्षित हवाई अड्डों में शामिल करने की दिशा में अभूतपूर्व कदम उठाए गए हैं। एयरपोर्ट की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए बहुस्तरीय और हाईटेक इंतजाम किए गए हैं। इनमें पुलिस बल की तैनाती से लेकर आधुनिक निगरानी तंत्र तक शामिल है।
गौतमबुद्धनगर (नोयडा) पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में एयरपोर्ट और उसके आसपास के क्षेत्रों में आंतरिक एवं बाहरी सुरक्षा के साथ यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था इस तरह तैयार की गई है कि भविष्य में वीआईपी मूवमेंट के दौरान भी आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
एयरपोर्ट क्षेत्र की निगरानी के लिए 5 नई अस्थायी पुलिस चौकियों की स्थापना की गई है। ये चौकियां माइल स्टोन-32, कार्गो टर्मिनल, डॉमेस्टिक टर्मिनल, माइल स्टोन-27 और माइल स्टोन-15 पर बनाई गई हैं। इसके अलावा पीसीआर और पीआरवी वाहनों को आधुनिक उपकरणों से लैस कर लगातार गश्त सुनिश्चित की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। अब तक 70 पुलिसकर्मी जेवर इमिग्रेशन कोर्स के तहत प्रशिक्षित हो चुके हैं। 61 अन्य कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए नामित किया गया है। डॉमेस्टिक टर्मिनल के लिए 35 पुलिसकर्मियों की नियुक्ति भी की गई है।
अग्नि सुरक्षा के मोर्चे पर भी व्यापक तैयारी की गई है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-32 और सेक्टर-18 में दो अत्याधुनिक अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। हर केंद्र में 7 यूनिट तैनात होंगी। इन केंद्रों के लिए पर्याप्त स्टाफ और संसाधनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एयरपोर्ट क्षेत्र में थाना जेवर इंटरनेशनल टर्मिनल के निर्माण की योजना है। इसके लिए 4000 वर्गमीटर भूमि चिन्हित की जा रही है। साथ ही एयरपोर्ट के पास ही एक पुलिस लाइन्स बनाने का प्रस्ताव भी है। इससे सुरक्षा बलों की तैनाती और संचालन और अधिक प्रभावी हो सके।
पीएम मोदी के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान एयरपोर्ट पर 5 स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया था। इस दौरान एंटी-ड्रोन सिस्टम, सीसीटीवी, इंटेलिजेंस नेटवर्क, बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग्स की तैनाती की गई। 100 से अधिक प्रवेश द्वारों पर 200 मेटल डिटेक्टर लगाए गए और करीब 5000 पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे।
इसके अलावा पीएसी, आरएएफ, एटीएस, सीआईएसएफ और एसपीजी जैसी एजेंसियों ने भी सुरक्षा की कमान संभाली। नो-फ्लाई जोन, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, कंट्रोल रूम और आपदा प्रबंधन बलों की सतर्कता के साथ 20,000 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी की गई। इन व्यापक और तकनीक आधारित सुरक्षा इंतजामों से इंटरनेशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी का नया केंद्र बनने के साथ सुरक्षा के क्षेत्र में भी एक नया मानक स्थापित करेगा।






