Uttar Pradesh

यूपीसीडा की बोर्ड बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी, ड्रोन मॉनिटरिंग और ई-ऑक्शन से बढ़ेगी पारदर्शिता

वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम, औद्योगिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर जोर, कम्पिल कताई मिल, मऊ आइमा, बहादुरगंज, सलेमपुर और बाराबंकी के औद्योगिक क्षेत्रों के मानचित्रों को स्वीकृति

लखनऊ, 2 अप्रैल 2026:

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की 50वीं बोर्ड बैठक लखनऊ स्थित लोक भवन में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई। प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप आयोजित इस अहम बैठक में औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना मजबूत करने और निवेश प्रोत्साहन से जुड़े 34 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

बैठक में विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तृतीय पक्ष निरीक्षण (TPIA) एजेंसी के चयन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया। इस तकनीक के माध्यम से सिविल, विद्युत और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी।

कम्पिल कताई मिल, मऊ आइमा, बहादुरगंज, सलेमपुर और बाराबंकी के औद्योगिक क्षेत्रों के मानचित्रों को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं बलिया, हाथरस, फतेहपुर, बाराबंकी और चित्रकूट के औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्तावों पर विचार करते हुए संशोधन के निर्देश दिए गए और संशोधित लेआउट को मंजूरी दी गई।

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भूमि बैंक को मजबूत करने के लिए नीतिगत संशोधन पर भी जोर दिया गया। भूमि आवंटन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नई योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत यह तय किया गया कि किसी औद्योगिक क्षेत्र में 75 प्रतिशत भूमि आवंटित होने के बाद शेष 25 प्रतिशत भूमि का आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। इससे प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि प्रचलित परियोजनाओं में विकास कार्यों को जारी रखते हुए समानांतर रूप से आवंटन प्रक्रिया भी संचालित की जाए। इससे निवेश की गति बनी रहेगी। सहारनपुर और बदायूं में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण से पहले सड़क संपर्क और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। इससे उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि यूपीसीडा का उद्देश्य औद्योगिक भूखंड आवंटन करने के साथ प्रदेश में विश्वस्तरीय औद्योगिक ईकोसिस्टम तैयार करना है। उन्होंने कहा कि ड्रोन निगरानी, डिजिटल सेवाएं और पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया जैसे कदम प्रदेश को तेजी से आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाएंगे।
बैठक में निर्देश दिए गए कि निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष कैंप आयोजित कर एक माह के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत हो सकेगा।

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