Uttar Pradesh

हमीरपुर की ‘कीर्ति’ ने बदली अपनी व औरों की तकदीर… कैंटीन से खड़ा किया मजबूत कारोबार

महिला समूह से जुड़ने के बाद मिली नई दिशा, 11 लाख से शुरू हुआ काम अब 1.25 करोड़ तक पहुंचा,स्कूल के सैकड़ों बच्चों को रोज मिल रहा सस्ता और पौष्टिक खाना, कई महिलाओं को मिला रोजगार

लखनऊ, 3 अप्रैल 2026:

उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं का असर अब गांव की महिलाओं की जिंदगी में साफ दिखने लगा है। हमीरपुर की रहने वाली कीर्ति सिंह इसका एक उदाहरण बनकर सामने आई हैं। पहले वह अध्यापन और सामाजिक काम से जुडीं थीं, लेकिन महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। 11 लाख से प्रेरणा कैंटीन को खोलकर उसे सवा करोड़ के टर्नओवर के मुकाम पर खड़ा कर दिया।

साल 2018 में समूह से जुड़ने के बाद कीर्ति ने धीरे-धीरे आर्थिक रूप से खुद को मजबूत करना शुरू किया। इसी दौरान उन्हें सामूहिक काम की ताकत समझ आई और आगे बढ़ने का भरोसा भी मिला। यही भरोसा उन्हें उद्यमिता की तरफ ले गया। अगस्त 2025 में कीर्ति ने 10 महिलाओं के साथ मिलकर दरियापुर स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में प्रेरणा कैंटीन शुरू की। शुरुआत में करीब 11 लाख रुपये लगाए गए। धीरे-धीरे काम बढ़ता गया और अब यह कैंटीन एक बड़े मॉडल के रूप में सामने आ चुकी है। कारोबार का टर्नओवर करीब 1.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

फिलहाल इस कैंटीन से 8 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। हर महिला को महीने में करीब 8 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। यहां पढ़ने वाले 332 बच्चों को रोज नाश्ता, दूध और खाना किफायती दाम पर दिया जाता है। स्कूल के शिक्षकों के लिए भी खाने की व्यवस्था रहती है। साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जाता है।

कीर्ति ने पहले बैंक सखी के तौर पर भी काम किया, जिससे उन्हें वित्तीय कामकाज की समझ मिली। अब उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत लोन के लिए आवेदन किया है ताकि अपने कारोबार को और आगे बढ़ा सकें। कीर्ति का सफर अब सिर्फ उनके तक सीमित नहीं है। उनके साथ जुड़ी महिलाएं भी अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं और गांव में एक नया माहौल बन रहा है।

READ MORE 

ये भी पढ़ें  गोरखपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों का हंगामा, तकनीकी खराबी के कारण घंटों तक फंसे रहे यात्री

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link