Uttarakhand

उत्तराखंड में कमर्शियल LPG वितरण का नया फॉर्मूला… कोटा बढ़ा और व्यवस्था भी बदली

पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा को देखते हुए प्राथमिकताएं तय, अलग-अलग सेक्टर में जरूरत के हिसाब से होगी आपूर्ति

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 3 अप्रैल 2026:

उत्तराखंड में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर सरकार ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। बढ़ती मांग और सप्लाई के दबाव को देखते हुए पुराने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) में बदलाव किया गया है, अब बढ़े हुए कोटे के आधार पर सिलेंडरों का बंटवारा होगा।

सचिव खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग आनंद स्वरूप के मुताबिक, राज्य को पहले 40 फीसदी कोटे पर सप्लाई मिलती थी। अब इसमें बढ़ोतरी कर कुल 66 फीसदी कोटे के हिसाब से नई व्यवस्था लागू की गई है। इसमें केंद्र से पहले मिले 20 फीसदी और हाल में मिले 6 फीसदी अतिरिक्त कोटा भी शामिल है।

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नई व्यवस्था का मकसद अलग-अलग सेक्टर में जरूरत के हिसाब से सिलेंडर पहुंचाना है, ताकि पर्यटन, चारधाम यात्रा, इंडस्ट्री और जरूरी सेवाओं पर असर न पड़े। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। राज्य में तेल और गैस कंपनियां अपनी हिस्सेदारी के मुताबिक सप्लाई करेंगी। जिलों में सप्लाई की जानकारी प्रशासन को दी जाएगी और केंद्र के दिशा-निर्देशों का पालन कराया जाएगा।

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होटल और रिजॉर्ट को रोज 1500 सिलेंडर यानी करीब 24 फीसदी हिस्सा दिया गया है। वहीं रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए 2000 सिलेंडर तय किए गए हैं, जो सबसे बड़ा हिस्सा है। सरकारी गेस्ट हाउस के लिए 300 सिलेंडर रखे गए हैं।

इसके अलावा डेयरी, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, पीजी और होम-स्टे जैसे सेक्टर को 200-200 सिलेंडर दिए जाएंगे। शादी-ब्याह के लिए 660 सिलेंडर और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए 1250 सिलेंडर तय किए गए हैं। कुल मिलाकर रोज 6310 सिलेंडरों की सप्लाई का प्लान बनाया गया है।

जिलों के हिसाब से भी कोटा तय किया गया है। देहरादून को सबसे ज्यादा 31 फीसदी हिस्सा मिला है। हरिद्वार और नैनीताल को 13-13 फीसदी, उधमसिंह नगर को 9 फीसदी दिया गया है। बाकी जिलों को उनकी जरूरत के हिसाब से 2 से 6 फीसदी तक आवंटन किया गया है।

शादी समारोह के लिए अलग नियम बनाए गए हैं। एक आयोजन में अधिकतम दो कमर्शियल सिलेंडर ही मिल सकेंगे। इसके लिए जिलाधिकारी या नामित अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। दस्तावेज जांच के बाद अस्थायी कनेक्शन जारी किया जाएगा और तय समय पूरा होने पर यह कोटा वापस सामान्य श्रेणी में जोड़ दिया जाएगा।

शादी के लिए तय 660 सिलेंडरों में देहरादून और नैनीताल को सबसे ज्यादा 176-176 सिलेंडर दिए गए हैं। हरिद्वार और उधमसिंह नगर को 64-64 सिलेंडर मिले हैं। बाकी जिलों में यह संख्या 18 से 24 के बीच रखी गई है। इंडस्ट्री के लिए तय 1250 सिलेंडरों में देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर को सबसे ज्यादा 380-380 सिलेंडर दिए गए हैं, जबकि अन्य जिलों को उनकी जरूरत के मुताबिक हिस्सा मिला है।

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