सीतापुर, 9 अप्रैल 2026:
शहर के एक जूनियर हाईस्कूल में तैनात शिक्षक वैवाहिक विज्ञापन के जरिए ठगी का शिकार हो गया। मैरिज ब्यूरो व युवती ने मिलकर झांसा दिया। शादी का रिश्ता तय कराने के नाम पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे भरोसे में बदली और फिर इलाज के बहाने लाखों रुपये निकलवा लिए गए। अब पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के रामकोट निवासी हरि प्रसाद शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि अखबार में छपे एक वैवाहिक विज्ञापन देखकर राखी शर्मा से उन्होंने संपर्क किया था। फोन उठाने वाली महिला ने खुद को दीपांजली त्रिपाठी बताया और इंदौर स्थित एक मैरिज ब्यूरो में रजिस्ट्रेशन के लिए 5 हजार रुपये जमा कराने को कहा। रकम भेजने के बाद उसने राखी शर्मा की जगह प्रिया मिश्रा नाम की महिला से बात कराई।
बातचीत के दौरान प्रिया मिश्रा ने खुद को सरकारी डॉक्टर बताया और हरदोई का रहने वाला बताया। कुछ दिनों तक बातचीत के बाद दोनों के बीच शादी को लेकर सहमति भी बन गई। उसकी मां ने रीवा एमपी से आकर शादी कराने की बात भी कही। इसी बीच प्रिया ने फोन कर बताया कि उसकी मां का चित्रकूट में एक्सीडेंट हो गया है और हालत गंभीर है। इलाज के नाम पर उसने तत्काल पैसे की जरूरत बताई।
पीड़ित के मुताबिक, अलग-अलग खातों में रकम भेजने को कहा गया। उसने यूनियन बैंक, स्टेट बैंक और बंधन बैंक के खातों में कुल 8 लाख 64 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ रकम यूपीआई के जरिए भी भेजी गई। इसके बाद कहा गया कि इलाज के दौरान उसकी माता का निधन हो गया है वो जल्द ही रकम वापस कर देगी। कई माह बीतने के बाद हरदोई आकर शादी करने व रकम वापस करने दोनों बातों से मुकरने लगी। फोन पर संपर्क भी बंद हो गया।
शिकायत में आरोप है कि प्रिया मिश्रा, दीपांजली त्रिपाठी और उनके साथ जुड़े अन्य लोगों ने मिलकर शादी का झांसा देकर सुनियोजित तरीके से ठगी की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और बैंक खातों व कॉल डिटेल के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।






