बाराबंकी, 15 अप्रैल 2026:
8वें वेतन आयोग से 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बाहर रखने के फैसले से नाराज पेंशनर अब सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारी और पेंशनर्स एसोसिएशन ने 21 अप्रैल को गन्ना कार्यालय परिसर में बड़े धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है।
धरने की तैयारी को लेकर लखपेड़ाबाग चौराहा स्थित सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स यूनियन के कार्यालय में बैठक हुई। बैठक में आंदोलन के समर्थन में प्रस्ताव पास किया गया और जोरदार नारेबाजी भी हुई। कहा गया कि संगठन के पदाधिकारी पूरे जिले में गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को जोड़ रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री को भेजी जाने वाली सामूहिक हस्ताक्षर याचिका पर भी हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। पेंशनरों से अपील की गई है कि वे 21 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे तक धरना स्थल पर पहुंचें।

अध्यक्ष बाबू लाल वर्मा ने कहा कि एसोसिएशन ने अपनी 10 मांगें रखी हैं। इनमें मुख्य तौर पर 8वें वेतन आयोग में पुराने पेंशनरों को शामिल करना, अलग सीपीआई बनाने की मांग, ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल करना, पेंशन से जुड़ी कटौतियां खत्म करना, 65 साल के बाद हर 5 साल पर पेंशन बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा पेंशन को टैक्स फ्री करने, कोरोना काल के 18 महीने के डीए एरियर का भुगतान, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराए में 50 फीसदी छूट, आयुष्मान योजना की सीमा 10 लाख करने और महंगाई भत्ता 50 फीसदी से ज्यादा होने पर उसे मूल पेंशन में जोड़ने की मांग भी उठाई गई है।
बैठक में जिला मंत्री अशोक सोनी, ओम प्रकाश वर्मा, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, मुन्नी सिंह, सुशीला बाजपेई, सुनीता पांडेय, सर्वजीत यादव, सुरेंद्र कुमार वर्मा, राजेश कुमार गुप्ता, राम गोपाल चौधरी, सुशीला अंसारी, लालजी वर्मा, सुदामा सिंह, जगत नारायण माती, आरसी निगम, केके बाजपेई और आरएस शुक्ला मौजूद रहे।






