प्रयागराज/लखनऊ, 16 अप्रैल 2026:
यूपी में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने सख्त और तकनीक आधारित कदम उठाए हैं। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आयोग अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को जमीन पर उतारने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि आगामी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नकल को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए आयोग मुख्यालय में अत्याधुनिक एकीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इससे प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों की सघन निगरानी की जाएगी।
इस कंट्रोल रूम में दो दर्जन से अधिक हाई-क्वालिटी स्क्रीन और एआई आधारित कैमरों की व्यवस्था की गई है। ये कैमरे परीक्षा केंद्रों की हर गतिविधि पर रियल-टाइम नजर रखेंगे। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत चिन्हित किया जा सके। आयोग का दावा है कि यह तकनीकी व्यवस्था परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग निगरानी के साथ ही परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी जोर दे रहा है। आधुनिक निगरानी तंत्र के जरिए गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे पूरी ईमानदारी और नियमों के अनुरूप परीक्षा दें। किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी जरूरी व्यवस्थाएं पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू की जा रही हैं जिससे योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक मिल सके।






