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UP में मां के नाम पर सियासत गरम : अखिलेश का महापौर खर्कवाल पर तीखा पलटवार, देखिए क्या बोले…

खुली चिट्ठी में ‘भाई’ बनकर दी नसीहत, कहा- महिला होकर महिला का अपमान क्यों? महापौर ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

लखनऊ, 22 अप्रैल 2026:

महिला आरक्षण से जुड़े बिल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। यूपी की राजधानी लखनऊ में भाजपा की जनाक्रोश रैली के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल के बयान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा पलटवार करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने खुद को महापौर का ‘भाई’ बताते हुए उनके बयान को निंदनीय और द्वेषपूर्ण करार दिया।

अखिलेश यादव ने लिखा कि आप कृपया अपनी राजनीतिक मजबूरी में मेरी दिवंगत मां का नाम लेकर एक महिला के रूप में दूसरी महिला का अपमान न करें। भारतीय समाज में किसी की मां का अपमान कभी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अगर महापौर अपने घर के बड़े-बुजुर्गों या बच्चों से पूछें तो उन्हें खुद अपने बयान की गंभीरता का एहसास हो जाएगा।

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि महिला ही जब महिला का अपमान करेगी तो उसे नैतिक रूप से कौन सही ठहराएगा? उन्होंने महापौर को सलाह दी कि वे अपने राजनीतिक स्तर और संतुलन को बनाए रखें। अखिलेश ने साफ किया कि उन्हें किसी माफी की अपेक्षा नहीं है लेकिन उनके शब्दों पर होने वाला पछतावा ही काफी होगा।

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दरअसल, भाजपा की जनाक्रोश रैली में महापौर सुषमा खर्कवाल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि भारत में सदियों से महिलाओं का सम्मान होता आया है लेकिन आज विपक्ष ने महिलाओं का अपमान किया है। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस मां ने आपको जन्म दिया, वह आपकी पहली शिक्षक है और आपने उसी मां का अपमान किया है।

हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद महापौर खर्कवाल ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी की मां को अपशब्द नहीं कहे हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर कहीं भी यह साबित हो जाए कि उन्होंने गाली दी है, तो बताया जाए। उन्होंने अपने बयान को महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि वह आधी आबादी की बात कर रही थीं।

इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव द्वारा मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की मांग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग पाकिस्तान में की जानी चाहिए। इस पूरे विवाद ने महिला सम्मान और आरक्षण के मुद्दे को लेकर प्रदेश की सियासत को और गरमा दिया है।

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