
लखनऊ, 11 अगस्त 2026:
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) के लखनऊ रीजनल ऑफिस के तत्कालीन चीफ रीजनल मैनेजर कृष्ण मोहन त्रिपाठी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में CBI की विशेष अदालत ने तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें 14.75 लाख रुपये जुर्माना भरने का भी आदेश दिया।
2009 के ट्रैप केस से शुरू हुई जांच
CBI ने बताया कि मामला 24 फरवरी 2010 को दर्ज किया गया था। इससे पहले 31 अक्टूबर 2009 को ट्रैप कार्रवाई के दौरान कृष्ण मोहन त्रिपाठी को 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में रंगे हाथ पकड़ा गया था। इसी मामले की जांच आगे बढ़ने पर उनकी संपत्ति की भी जांच की गई।
आय से दोगुनी संपत्ति मिली, कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोषी ठहराया
जांच में सामने आया कि आरोपी के पास अपनी वैध आय के मुकाबले काफी ज्यादा संपत्ति थी। CBI ने 13 दिसंबर 2011 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बताया कि त्रिपाठी के पास 1.44 करोड़ रुपये की ऐसी संपत्ति थी, जो उनकी ज्ञात आय से 102.53 फीसदी अधिक थी। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद CBI की विशेष अदालत ने कृष्ण मोहन त्रिपाठी को दोषी करार दिया। अदालत ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाने के साथ 14.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।






