Uttarakhand

चारधाम यात्रा पर पीएम का बड़ा संदेश : डिजिटल उपवास से लेकर स्वच्छता तक, श्रद्धालुओं के लिए 5 सख्त संकल्प

केदारनाथ के कपाट खुलने पर प्रधानमंत्री की अपील, आस्था के साथ अनुशासन, पर्यावरण संरक्षण और लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 22 अप्रैल 2026:

चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई देते हुए उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों से पांच महत्वपूर्ण संकल्पों का पालन करने की अपील की है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह यात्रा भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का भव्य उत्सव है। यह देश की विविधता में एकता को सशक्त बनाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय की गोद में स्थित चारधाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सदियों से आस्था और विश्वास के केंद्र रहे हैं। उन्होंने जगद्गुरु आदि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य और माध्वाचार्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान संतों ने इन धामों की यात्रा कर भारतीय संस्कृति को नई दिशा दी।

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उन्होंने उत्तराखंड की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि यह दशक उत्तराखंड का दशक बनने की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन, आध्यात्मिकता और आर्थिक विकास के क्षेत्र में राज्य नए आयाम स्थापित कर रहा है। इससे चारधाम यात्रा पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित और दिव्य बन गई है।

प्रधानमंत्री ने यात्रियों से डिजिटल उपवास रखने की भी अपील की ताकि वे प्रकृति की सुंदरता को महसूस कर सकें। साथ ही उन्होंने पांच संकल्पों पर विशेष जोर दिया। पहला- स्वच्छता को सर्वोपरि रखते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी, दूसरा- पर्यावरण संरक्षण और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों में भागीदारी, तीसरा- सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, चौथा- ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत कुल खर्च का कम से कम पांच प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करना और पांचवां-यात्रा के दौरान अनुशासन, सुरक्षा और मर्यादा का पालन करना।

प्रधानमंत्री ने कंटेंट क्रिएटर्स और इंफ्लूएंसर्स से भी अपील की कि वे उत्तराखंड की लोक परंपराओं, संस्कृति और अनकही कहानियों को देश-दुनिया तक पहुंचाएं जिससे एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना और मजबूत हो सके।

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