गोरखपुर, 23 अप्रैल 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष पर एक बार फिर तीखा हमला बोला। गोरखपुर में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में उन्होंने कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके को महिलाओं के अधिकारों का विरोधी करार देते हुए कहा कि ये दल महिलाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते।
योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में नए संसद भवन में सबसे पहले नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित कराया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं को कानून निर्माण और शासन में भागीदारी देना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस ऐतिहासिक पहल को रोकने के लिए बहानेबाजी कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने सपा पर विशेष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि देख सपाई, बिटिया घबराई जैसी कहावत उनके चरित्र को दर्शाती है। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा की स्थिति इतनी खराब थी कि कई क्षेत्रों में उन्हें स्कूल भेजना बंद कर दिया गया था, जबकि आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।

सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए योगी ने कहा कि 2017 के बाद यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44-45 हजार तक पहुंची है। भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि नौ लाख सरकारी नौकरियों में से करीब पौने दो लाख महिलाओं को अवसर मिला है। 21 हजार स्टार्टअप्स में आधी भागीदारी महिलाओं की है।
सीएम ने कहा कि पंचायत और स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत तक प्रतिनिधित्व मिल रहा है। 54 प्रतिशत ब्लॉक प्रमुख महिलाएं हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संसद और विधानसभाओं में भी 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं का अधिकार है, न कि कोई दया। अपने संबोधन में योगी ने भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां नारी सशक्त होती है, वहीं परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत होता है।
उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना और सामूहिक विवाह योजना जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भीषण गर्मी के बावजूद सम्मेलन में महिलाओं की भारी उपस्थिति पर संतोष जताते हुए सीएम ने कहा कि यह संकेत है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए जागरूक हैं। उन्हें ज्यादा समय तक वंचित नहीं रखा जा सकता।






