राजकिशोर तिवारी
बद्रीनाथ, 23 अप्रैल 2026:
हिमालय की गोद में बसे पवित्र बद्रीनाथ धाम में गुरुवार सुबह आस्था का महासंगम देखने को मिला जब भगवान श्री बद्री विशाल के कपाट विधिविधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। करीब छह महीने के इंतजार के बाद जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरा धाम जय बद्री विशाल के जयघोष से गूंज उठा और माहौल भक्तिमय हो गया।
कपाट खुलते ही देश-विदेश से पहुंचे लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बद्रीनाथ और अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस दौरान उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कराई और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य पवित्र स्थलों पर भी विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने धाम पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया और भरोसा दिलाया कि इस बार चारधाम यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित बनाया गया है।

धामी ने श्रद्धालुओं से हरित और स्वच्छ चारधाम यात्रा में सहयोग करने की अपील करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव के लिए हर स्तर पर व्यापक तैयारियां की हैं।
कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर स्थानीय संस्कृति की भी झलक देखने को मिली। माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया जिसने पूरे वातावरण को आस्था और लोक रंगों से सराबोर कर दिया। वहीं, देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन कर अपनी भक्ति अर्पित की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने धाम में संचालित विशाल भंडारे का उद्घाटन किया और श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। भंडारा संचालकों से संवाद करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं की सराहना की और मानव सेवा ही ईश्वर सेवा का संदेश दिया।






