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पूर्व केंद्रीय मंत्री के दखल से विवाद पर लगा विराम… फिर स्थापित होगा महाराजा मल्हिया पासी स्मृति द्वार

निजी कंपनी की तकनीकी गलती से हटाया गया था द्वार, जांच में हुआ खुलासा, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त, प्रशासन ने द्वार स्थापना का काम शुरू करवाया

प्रमोद कुमार

मलिहाबाद (लखनऊ), 23 अप्रैल 2026:

मलिहाबाद क्षेत्र में महाराजा मल्हिया पासी स्मृति गौरव द्वार को हटाए जाने को लेकर उपजा विवाद अब शांत हो गया है। प्रशासन की जांच में सामने आया कि द्वार हटने के पीछे चोरी या शरारत का मामला नहीं था, बल्कि निजी कंपनी ने तकनीकी कारणों से उसे हटाया था, किसी को जानकारी न देने से नौबत धरना प्रदर्शन तक आ गई।

बता दें मंगलवार रात अचानक स्मृति द्वार अपने स्थान से हटा मिला। बुधवार सुबह सूचना फैलते ही पासी समाज से जुड़े संगठनों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते महाराजा सुहेलदेव आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी, महाराजा लाखन पासी आर्मी के अध्यक्ष सूरज पासी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। वहीं धरना शुरू कर दिया गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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स्थिति बिगड़ती देख पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से बातचीत कर भरोसा दिलाया कि मामले की पूरी जांच होगी, साथ ही स्मृति द्वार को उसी स्थान पर फिर से स्थापित कराया जाएगा। उनके आश्वासन के बाद भीड़ शांत हुई।

एसीपी सुजीत दुबे ने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ कि द्वार गायब नहीं हुआ था। जिस निजी कंपनी ने इसे लगाया था, उसी ने तकनीकी दिक्कत बताकर हटाया था। उन्होंने माना कि प्रशासन या समाज को सूचना दिए बिना यह कार्रवाई लापरवाही की श्रेणी में आती है। पुलिस ने संबंधित कंपनी से स्मृति द्वार वापस मंगवा लिया है। प्रशासन की निगरानी में पुनः स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आंदोलन कर रहे संगठनों ने आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया।

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