लखनऊ, 26 अप्रैल 2026:
यूपी की महत्वपूर्ण फसल गन्ना पर कीटों का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस फसल को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग ने किसानों के लिए हाई अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि इस समय फसल पर अंकुर बेधक (अर्ली शूट बोरर) और चोटी बेधक (टॉप बोरर) कीटों का गंभीर खतरा है।
विभाग की अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी मीना ने बताया कि अप्रैल से जून का समय गन्ने की फसल के लिए बेहद संवेदनशील होता है। इस दौरान कीटों का पहला प्रकोप तेजी से फैलता है। इससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। उन्होंने किसानों से कहा है कि वे समय रहते सतर्क होकर बचाव के उपाय अपनाएं जिससे फसल को नुकसान से बचाया जा सके।

वैज्ञानिकों के मुताबिक ये कीट गन्ने की गोंफ (शूट) को अंदर से खाकर नीचे की ओर बढ़ते हैं। इससे बीच की गोंफ सूख जाती है। हल्के खींचने पर आसानी से निकल जाती है। ऐसे पौधों को तुरंत पहचानकर सूंड़ी और प्यूपा सहित जमीन की सतह से काटकर नष्ट करना बेहद जरूरी है, वरना संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
बचाव के लिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे प्रभावित पत्तियों या कल्लों पर मौजूद अंडों और सूंड़ी को हाथ से नष्ट करें। जैविक नियंत्रण के लिए ट्राइकोकार्ड का उपयोग 15 दिन के अंतराल पर करें। रासायनिक नियंत्रण के तहत फिप्रोनिल और इमिडाक्लोप्रिड या क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल और थायोमेथॉक्सम के मिश्रण का छिड़काव प्रभावी बताया गया है।
इसके अलावा वयस्क कीटों को पकड़ने के लिए खेतों में 25-30 मीटर की दूरी पर फेरोमोन ट्रैप या लाइट ट्रैप लगाने की भी सलाह दी गई है। गन्ने के अंदर मौजूद सूंड़ी के नियंत्रण के लिए जड़ों के पास विशेष दवा से ड्रेंचिंग करना आवश्यक बताया गया है।
प्रदेश में किसानों की फसल को बचाने के लिए हर स्तर पर सख्ती और सतर्कता बरती जा रही है। इन निर्देशों का पालन कर किसान अपनी फसल को सुरक्षित रखने के साथ बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं।






