Uttarakhand

जिला योजना में 15 फीसदी बजट से रोजगार पर फोकस…जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अनिवार्य

समीक्षा बैठक में पहुंचे प्रभारी मंत्री, ब्लॉक प्रमुखों के साथ संवाद में उभरी स्थानीय जरूरतें, लंबित योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश, नवाचार, क्लस्टर मॉडल पर जोर

योगेंद्र मलिक

पौड़ी गढ़वाल, 27 अप्रैल 2026:

जिला योजना वर्ष 2026-27 को लेकर विकास भवन सभागार में हुई समीक्षा बैठक में इस बार फोकस सीधे रोजगार, स्थानीय जरूरतों और जमीनी स्तर पर काम की गति बढ़ाने पर रखा गया। प्रभारी मंत्री मदन कौशिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में साफ कहा गया कि योजनाएं कागज से निकलकर धरातल पर दिखनी चाहिए।

प्रभारी मंत्री ने बैठक के दौरान पौड़ी प्रगति पोर्टल की शुरुआत भी की। जिसके जरिए जिला योजना और अन्य योजनाओं की प्रगति की निगरानी अब डिजिटल तरीके से होगी। मंत्री ने कहा कि जिला योजना बनाते समय जनप्रतिनिधियों से सीधा तालमेल रखा जाए, ताकि योजनाएं वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि जमीनी जानकारी रखने वाले जनप्रतिनिधियों की भूमिका इसमें सबसे अहम है।

निर्णय लिया गया कि वर्ष 2026-27 की जिला योजना में कुल बजट का 15 प्रतिशत हिस्सा स्वरोजगार से जुड़े विभागों के लिए तय किया गया है। इसका मकसद स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके बढ़ाना है, ताकि युवाओं को बाहर जाने की जरूरत कम पड़े। बैठक में यह भी साफ किया गया कि जो योजनाएं लंबे समय से अधूरी पड़ी हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए। सभी विधानसभा क्षेत्रों को बराबर तरजीह देने पर भी जोर दिया गया।

प्रभारी मंत्री ने क्लस्टर आधारित योजनाओं को आगे बढ़ाने, नए प्रयोगों को मौका देने और काम शुरू करने से पहले जमीन से जुड़े विवाद निपटाने के निर्देश दिए। कहा गया कि बजट का इस्तेमाल ऐसे कामों में हो जो टिकाऊ हों और सीधे लोगों के काम आएं। बैठक में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत समेत कई अफसर मौजूद रहे। नए ब्लॉक प्रमुखों को भी चर्चा में शामिल किया गया।

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