राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 9 जून 2026:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें पारंपरिक खेती से आगे ले जाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने पहली बार ब्लूबेरी खेती का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। उच्च मूल्य वाली इस विदेशी फसल की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन और उद्यान विभाग ने संयुक्त पहल की है।
डीएम डॉ. आशीष चौहान के अनुसार सहसपुर क्षेत्र की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां ब्लूबेरी उत्पादन के लिए अनुकूल पाई गई हैं। इसी आधार पर 10 किसानों का चयन किया गया है। उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन के साथ वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। चयनित किसानों को 500 ब्लूबेरी पौधे 80 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा उन्हें वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा और नाबार्ड के सहयोग से पॉलीहाउस भी स्थापित किए जाएंगे।

मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी के मुताबिक ब्लूबेरी एक उच्च मूल्य वाली फसल है। इसकी बाजार कीमत 1000 से 1500 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचती है। पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले करीब 20 किसानों को प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया गया था जिनमें से 10 किसानों का चयन इस परियोजना के लिए किया गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन-सी, विटामिन-के और फाइबर से भरपूर ब्लूबेरी को दुनिया भर में सुपरफूड माना जाता है। इसमें मौजूद एंथोसायनिन जैसे तत्व कई बीमारियों से बचाव में सहायक माने जाते हैं। इसके चलते इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
प्रशासन का मानना है कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो इसे क्लस्टर स्तर पर विस्तारित कर देहरादून को ब्लूबेरी उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। यह पहल किसानों की आय में वृद्धि करने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।






