Uttarakhand

4.80 करोड़ के फर्जी लोन घोटाले के मास्टरमाइंड पूर्व शाखा प्रबंधक को दबोचा, अन्य की तलाश

अर्बन कोआपरेटिव बैंक के फॉरेंसिक ऑडिट में सामने आई थी 2013 से 2016 के बीच करोड़ों रुपये की गड़बड़ी, 20 जेसीबी मशीनों की खरीद के नाम पर तैयार किए गए थे फर्जी दस्तावेज, पुलिस ने 74 वर्षीय पूर्व शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 11 जून 2026:

अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में करीब 4.80 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक महाबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये का ऋण स्वीकृत कराकर बैंक की रकम का गबन किया गया था।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, क्रॉस रोड शाखा की ओर से कराए गए फॉरेंसिक ऑडिट में वर्ष 2013 से 2016 के बीच बैंक के लेखा रिकॉर्ड और लेजर प्रविष्टियों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पकड़ी गईं। इसके बाद बैंक के शाखा प्रबंधक रिंकू गौतम ने 15 मई 2026 को कोतवाली नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

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जांच में पता चला कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक महाबीर सिंह ने बैंक के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी लेनदेन और प्रविष्टियां की गईं, जिसके जरिए बैंक की रकम निजी खातों में ट्रांसफर की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले जिनसे खुलासा हुआ कि 20 जेसीबी मशीनों की खरीद दिखाकर लगभग 4 करोड़ 80 लाख रुपये का ऋण मंजूर कराया गया था। बाद में इस रकम का गबन कर लिया गया।

टीम ने कार्रवाई करते हुए महाबीर सिंह (74 वर्ष), निवासी बाबा विहार, तपोवन रोड, नालापानी चौक, रायपुर, देहरादून को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई जारी है।

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