राजकिशोर तिवारी
केदारनाथ, 2 मई 2026:
केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन को लेकर उठे विवाद के बीच मंदिर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मामले में लापरवाही सामने आने पर दो पुलिस अधिकारियों को मंदिर ड्यूटी से हटा दिया गया है। इसके अलावा व्यवस्था से जुड़े अहम निर्णय लिए गए हैं।
बता दें कि विवाद उस वक्त बढ़ा जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें तीर्थपुरोहितों ने वीआईपी गेट व दर्शन बंद करने की मांग रखते हुए अध्यक्ष मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। इस बारे में
इसके बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले को लेकर रुद्रप्रयाग के एसपी से बात की। इसके बाद संबंधित क्षेत्राधिकारी और उपनिरीक्षक को तुरंत प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया।

नई व्यवस्था के तहत अब मंदिर के भीतर की पूरी जिम्मेदारी समिति के कर्मचारियों को दी गई है, जबकि उत्तराखंड पुलिस बाहरी सुरक्षा और आस्था पथ पर तैनात रहेगी। अध्यक्ष ने साफ किया कि उनके नाम पर दिए जा रहे आदेश पूरी तरह गलत हैं। श्रद्धालुओं को आसान दर्शन कराना प्राथमिकता है, जबकि तीर्थपुरोहित धाम की परंपरा का अहम हिस्सा हैं, उनके साथ किसी तरह की रोकटोक का सवाल नहीं उठता।
केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने पूरे मामले को साजिश करार दिया। उनका कहना है कि कुछ लोग धाम की व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा प्रबंधन सामान्य तरीके से चल रहा है और तीर्थपुरोहित, मंदिर समिति और प्रशासन के बीच तालमेल बना हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उद्योगपति गौतम अडानी ने भी आम श्रद्धालुओं की तरह ही दर्शन किए। धाम में किसी तरह की वीआईपी व्यवस्था लागू नहीं है। प्रशासन अब उन लोगों की पहचान में जुटा है जो अफवाह फैलाकर यात्रा में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।






