लखनऊ, 2 मई 2026:
गंगा एक्सप्रेसवे को 15 दिनों तक टोल-फ्री रखने के योगी सरकार के फैसले ने प्रदेशभर में उत्साह की लहर दौड़ा दी है। मेरठ से प्रयागराज तक फैले इस हाईस्पीड कॉरिडोर पर लोगों को मुफ्त यात्रा का लाभ मिलने के साथ ही समय और लागत में भी बड़ी बचत हो रही है।
यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी यूपी के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में उभर रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के 12 जिलों को जोड़ता है। प्रयागराज तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलने से श्रद्धालुओं, वकीलों, वादकारियों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल का कहना है कि इस फैसले से व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय के अनुसार दो हफ्तों की टोल-फ्री अवधि वकीलों और वादकारियों को इस मार्ग को समझने और अपनाने के लिए पर्याप्त है।
बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं जैसे जिलों से प्रयागराज जाने वालों के लिए अब सफर पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। त्रिवेणी संगम पर गंगा स्नान के लिए भी लोगों की आवाजाही बढ़ी है। महज दो दिनों में ही पांच हजार से ज्यादा लोग इस मुफ्त हाईस्पीड सफर का अनुभव कर चुके हैं।
सीबीगंज के सर्वेश के मुताबिक ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए यह एक्सप्रेसवे बेहद अहम साबित होगा। टोल छूट से लागत घटेगी और कारोबार को गति मिलेगी। वहीं, इंद्रप्रीत सिंह का मानना है कि इस पहल से निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
अशोक सक्सेना और अमित आनंद जैसे स्थानीय लोगों ने इसे दूरदर्शी फैसला बताते हुए कहा कि इससे लंबी दूरी का सफर अब आसान, सस्ता और सुविधाजनक हो गया है। कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल-फ्री शुरुआत ने विकास की रफ्तार को नई उड़ान दे दी है।
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