लखनऊ, 2 मई 2026:
यूपी ने रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के क्षेत्र में कीर्तिमान रच दिया है। इसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। प्रदेश में अब तक 5,00,115 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। ये अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यही नहीं 8,94,217 आवेदनों में से बड़े पैमाने पर स्वीकृति और तेजी से स्थापना ने यूपी को राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया है।
ऊर्जा के इस हरित अभियान के तहत प्रदेश में 1,696.68 मेगावाट की स्थापित क्षमता तैयार हो चुकी है। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा ₹3,038.08 करोड़ और राज्य सरकार द्वारा ₹1,000 करोड़ से अधिक की सब्सिडी जारी की जा चुकी है। यूपी नेडा के निदेशक रविंद्र सिंह के मुताबिक इन सोलर संयंत्रों से प्रतिदिन करीब ₹5 करोड़ मूल्य की मुफ्त बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है।
पर्यावरण संरक्षण के मोर्चे पर भी यह पहल बेहद प्रभावी साबित हो रही है। लाखों टन कार्बन उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है। इससे स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही सौर परियोजनाओं को छतों पर स्थापित किए जाने से करीब 6,500 एकड़ भूमि को बचाया गया है। इसे अब कृषि और अन्य उपयोगों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।
रोजगार के क्षेत्र में भी यह अभियान गेमचेंजर साबित हुआ है। प्रदेश में लगभग 5,000 कंपनियों के माध्यम से 65,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला जबकि लाखों लोग अप्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े हैं।
सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा अप्रैल 2026 का रहा जब महज 30 दिनों में 51,882 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर यूपी ने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। औसतन 1,729 संयंत्र प्रतिदिन की दर से स्थापना कर प्रदेश ने अपनी ही पिछली गति को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि प्रभावी क्रियान्वयन, मजबूत समन्वय और सतत निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।






