Varanasi

वेंडिंग जोन हटने से वाराणसी में रोज़गार पर चोट… ठेला-पटरी कारोबारियों का विरोध तेज

63 तय जगहों को हटाने का आरोप, बिना विकल्प कार्रवाई से हजारों परिवारों पर असर, नाइट मार्केट से उजड़े वेंडरों ने भी उठाई आवाज, नारेबाजी कर नगर निगम को सौंपा ज्ञापन

विकास गोंड

वाराणसी, 5 मई 2026:

वाराणसी में फेरी, पटरी और ठेला कारोबार से जुड़े लोगों पर रोज़गार का संकट गहराता दिख रहा है। राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी संगठन ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए नगर आयुक्त और टाउन वेंडिंग कमेटी के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पटरी कारोबारी मौजूद रहे और अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठाई।

संगठन का कहना है कि शहर में पथ विक्रेता जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन अधिनियम 2014 के तहत पहले से तय 63 वेंडिंग जोनों को पुलिस लगातार हटवा रही है। इससे कानून के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं और हजारों छोटे कारोबारियों की आमदनी प्रभावित हो रही है।

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कहा कि सरकार की योजनाओं से पहले इन कारोबारियों के हालात में कुछ सुधार आया था, लेकिन मौजूदा कार्रवाई से हालात फिर बिगड़ने लगे हैं। आरोप है कि बिना किसी वैकल्पिक इंतजाम के वेंडिंग जोन खत्म किए जा रहे हैं, जिससे परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

खासतौर पर लहरतारा-चौकाघाट फ्लाईओवर के नीचे चल रहे नाइट मार्केट से हटाए गए स्ट्रीट वेंडरों की हालत काफी खराब बताई गई। संगठन का कहना है कि उन्हें अब तक दोबारा बसाने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। ज्ञापन में संगठन ने शहर के सभी 63 तय वेंडिंग जोनों को तुरंत सुरक्षित करने, पटरी कारोबारियों पर हो रही कथित पुलिस कार्रवाई पर रोक व लहरतारा-चौकाघाट नाइट मार्केट से हटाए गए वेंडरों को फिर से बसाने और शहर में बनने वाले स्ट्रीट फूड हब में स्थानीय कारोबारियों को पूरा मौका देने की मांग रखी।

इस मौके पर संघ के अध्यक्ष अभिषेक निगम के नेतृत्व में विजय यादव, विकास यादव, विक्रम चौहान समेत बड़ी संख्या में कारोबारी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में प्रशासन से दखल की मांग की और कहा कि हालात जल्द नहीं सुधरे तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

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