आयुष्मान का असर : UP में बागपत नंबर-1, 94% परिवारों को मिला 5 लाख तक मुफ्त इलाज का कवच
डबल इंजन सरकार की स्वास्थ्य क्रांति, 123 करोड़ के क्लेम, हजारों जिंदगियां बदलीं, आयुष्मान कार्ड बना गरीबों का सबसे बड़ा सहारा
लखनऊ/बागपत, 5 मई 2026:
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने यूपी में स्वास्थ्य सुरक्षा की तस्वीर बदल दी है। अब बीमारी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए आर्थिक संकट का कारण नहीं बन रही। सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिली है। इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बागपत जनपद बनकर उभरा है। इसने योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है।
बागपत में लक्ष्य के सापेक्ष 94 प्रतिशत से अधिक परिवारों को आयुष्मान योजना से जोड़ा जा चुका है। यह उपलब्धि आंकड़ों तक सीमित न होकर जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन में आए बदलाव की कहानी कहती है। डबल इंजन सरकार की इस पहल ने इलाज को आसान और सुलभ बना दिया है। पात्र परिवारों को अब हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में मिल रहा है।
बागपत की डीएम अस्मिता लाल के मुताबिक आयुष्मान कार्ड अब लोगों के लिए सिर्फ एक दस्तावेज नहीं बल्कि उम्मीद और सुरक्षा का प्रतीक बन चुका है। बागपत में अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों को योजना के दायरे में लाया गया है।123 करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम इस बात का मजबूत प्रमाण है कि योजना जमीनी हकीकत बन चुकी है।

इस योजना का असर आम लोगों की जिंदगी में साफ दिखाई देता है। बड़ौत की श्वेता कूल्हे की गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। उनके लिए 2 लाख रुपये का ऑपरेशन कराना संभव नहीं था। आयुष्मान योजना के तहत उनका निशुल्क ऑपरेशन हुआ और आज वे सामान्य जीवन जी रही हैं। इसी तरह समदीन गुर्दे की पथरी के दर्द से परेशान थे। उनका 55 हजार रुपये का इलाज मुफ्त में हुआ और वे फिर से काम पर लौट सके।
ग्राम बड़ावद की सहाना को अचानक एपेंडिक्स की समस्या हुई। 40 हजार रुपये का खर्च उनके परिवार के लिए असंभव था लेकिन आयुष्मान योजना ने उनकी चिंता खत्म कर दी। उनका ऑपरेशन बिना खर्च के हुआ और अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। बिलोचपुरा की महरोजा और खिंदौड़ा के मनोज कुमार जैसे कई लाभार्थियों की कहानियां इस योजना की सफलता को बयां करती हैं।
सरकार ने योजना के दायरे को और व्यापक बनाते हुए वृद्धावस्था पेंशनधारकों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित किया है। साथ ही शिक्षकों, कर्मचारियों, शिक्षा मित्रों और जनप्रतिनिधियों के माता-पिता को भी योजना से जोड़ा गया है। आयुष्मान योजना ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार कर दिया है। यहां इलाज अब डर नहीं बल्कि भरोसे का नाम बन चुका है।






