Uttar Pradesh

UP बना रोजगार का पावरहाउस… 9 साल में 9 लाख सरकारी नौकरियां, 3 करोड़ रोजगार

योगी सरकार ने पुलिस में 2.19 लाख भर्तियां कीं, एमएसएमई से 3 करोड़ रोजगार, 18.55 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, निवेश और स्वरोजगार से बदली प्रदेश की तस्वीर

लखनऊ, 8 मई 2026:

यूपी में रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में 9 वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। योगी सरकार ने रोजगार को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के साथ प्रदेश में सरकारी नौकरी, निजी निवेश, उद्योग और स्वरोजगार के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं।

योगी सरकार के कार्यकाल में अब तक 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। यूपी पुलिस में ही 2.19 लाख से ज्यादा भर्तियां पूरी हुई हैं जबकि वर्ष 2026 में 80 हजार से अधिक पदों पर नई भर्ती की तैयारी है। शिक्षा विभाग में 1.65 लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा वर्ष से2017 2025 तक 53 हजार से अधिक तथा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 47 हजार से ज्यादा भर्तियां पारदर्शी तरीके से पूरी कराई गईं।

प्रदेश में औद्योगिक माहौल भी तेजी से बदला है। वर्ष 2017 से पहले केवल 14 हजार कारखाने पंजीकृत थे। अब उनकी संख्या बढ़कर 31 हजार से अधिक हो गई है। एमएसएमई सेक्टर ने रोजगार सृजन में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इससे 3 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिला। खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में भी 4.63 लाख रोजगार सृजित किए गए।

सरकार के मुताबिक 9 वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनसे एक करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार और सेवायोजन मिलने की संभावना बनी है। चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे गए इनसे 60 लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित हुए हैं।

मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना के तहत 38 हजार से अधिक लाभार्थियों को मार्जिन मनी वितरित की गई। वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के जरिए वर्ष 2024-25 से अब तक 1.47 लाख युवाओं को लाभ मिला। इससे 4.51 लाख लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ। खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन देते हुए सरकार ने 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी हैं।

महिला सशक्तीकरण के मोर्चे पर भी प्रदेश ने नई पहचान बनाई है। बीसी सखी योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं ने 42,711 करोड़ रुपये का लेन-देन कर 116 करोड़ रुपये का लाभांश अर्जित किया। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर एक करोड़ से अधिक महिलाएं रोजगार पा रही हैं। 18.55 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। सरकार की योजनाओं ने युवाओं और महिलाओं में आत्मविश्वास जगाया है। इसके चलते उत्तर प्रदेश आज रोजगार, निवेश और उद्यमिता का मजबूत मॉडल बनकर उभरा है।

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