Uttar Pradesh

बुढ़ापे का सहारा बनी पेंशन… यूपी में 29 लाख से ज्यादा महिलाओं के खाते में पहुंच रही मदद

जौनपुर, आजमगढ़ और बलिया वृद्धावस्था पेंशन योजना के सबसे अधिक लाभार्थी वाले जिलों में शुमार, हर तीन महीने में डीबीटी से कम हुईं बुजुर्ग महिलाओं की रोजमर्रा की मुश्किलें

लखनऊ, 8 मई 2026:

उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन योजना लाखों बुजुर्ग महिलाओं के लिए बड़ा सहारा बन गई है। प्रदेश सरकार इस समय 29,23,364 महिलाओं को पेंशन का लाभ दे रही है। नियमित आर्थिक मदद मिलने से ग्रामीण और शहरी इलाकों की बुजुर्ग महिलाओं को रोजमर्रा के खर्चों में राहत मिल रही है।

प्रदेश सरकार की तरफ से हर महीने 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। यह रकम डीबीटी के जरिए हर तिमाही सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है। एक साथ 3,000 रुपये मिलने से दवा, राशन और जरूरी घरेलू खर्च संभालने में आसानी हो रही है।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ चलाया जा रहा है। पेंशन की रकम सीधे खातों में ट्रांसफर होने से बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है। इससे पात्र महिलाओं तक समय पर सहायता पहुंच रही है।

ये भी पढ़ें:

वृद्धावस्था पेंशन योजना में जौनपुर सबसे आगे है। जिले में 1,00,820 बुजुर्ग महिलाएं इसका लाभ ले रही हैं। दूसरे नंबर पर आजमगढ़ है, जहां 86,166 महिलाओं को पेंशन मिल रही है। बलिया तीसरे स्थान पर है, यहां 79,160 महिलाएं योजना से जुड़ी हैं।

पूर्वांचल के जिलों में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को इस योजना से जोड़ा गया है। प्रशासनिक स्तर पर लगातार नए पात्र लोगों की पहचान का काम भी चल रहा है, ताकि जरूरतमंद महिलाएं योजना से बाहर न रहें। ग्रामीण इलाकों में रहने वाली कई महिलाओं के लिए यह पेंशन अब सम्मान के साथ जिंदगी चलाने का जरिया बन चुकी है। छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है। परिवारों में भी बुजुर्ग महिलाओं की स्थिति पहले के मुकाबले मजबूत हुई है।

READ MORE 

ये भी पढ़ें  यशस्वी जायसवाल ने अजिंक्य रहाणे से अनबन के चलते छोड़ी मुंबई की टीम, अब गोवा से खेलेंगे रणजी ट्रॉफी

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button