Varanasi

सोमनाथ से काशी तक गूंजा स्वाभिमान का संदेश, योगी बोले… सनातन को मिटाने वाले खुद मिट गए

राज्यपाल आनंदी बेन संग काशी पहुंचे सीएम, गुजरात के सोमनाथ मंदिर से पीएम का लाइव संबोधन सुना, बाबा विश्वनाथ के धाम में नवाया शीश

वाराणसी, 11 मई 2026:

गुजरात के सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूरे होने पर सोमवार को वाराणसी में सोमनाथ संकल्प महोत्सव मनाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मिटाने की तमाम कोशिशें हुईं, लेकिन सनातन परंपरा को कोई समाप्त नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि सनातन केवल मंदिरों की दीवारों में नहीं, बल्कि भारत की चेतना में रचा-बसा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी कुछ ताकतें ऐसी हैं जो भारत के आत्मगौरव और सांस्कृतिक स्वाभिमान के प्रतीकों को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहतीं। उन्होंने कहा कि यही वे लोग थे जिन्होंने स्वतंत्र भारत में सोमनाथ महादेव मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा में अड़चनें खड़ी की थीं और बाद में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के रास्ते में भी बार-बार रुकावट डालने की कोशिश की।

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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास गवाह है कि मोहम्मद गौरी से लेकर मुगल शासकों तक कई विदेशी आक्रांताओं ने भारत की आध्यात्मिक पहचान को नष्ट करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ के प्राचीन मंदिर को ध्वस्त कर गुलामी का ढांचा खड़ा किया, लेकिन वह भारत की आत्मा को तोड़ नहीं सका।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने सनातन को मिटाने की कोशिश की, आज उनका नाम लेने वाला भी कोई नहीं है, जबकि सोमनाथ महादेव और काशी विश्वनाथ जैसे तीर्थ आज भी भारत के स्वाभिमान की कहानी कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अजर-अमर चेतना ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनके नेतृत्व में एक भारत, श्रेष्ठ भारत की संकल्पना साकार होती दिखाई दे रही है। सोमनाथ मंदिर का पुनरुद्धार, काशी विश्वनाथ धाम, उज्जैन में महाकाल लोक और अयोध्या में राम मंदिर जैसे प्रकल्प भारत की सांस्कृतिक विरासत को नए वैभव के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

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इससे पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और मंदिर परिसर में ॐ का जाप किया। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को पटका और रुद्राक्ष की माला पहनाकर सम्मानित किया। दोनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हुए लाइव प्रसारण के जरिए देखा व लाइव संबोधन सुना।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने शंखनाद के साथ डमरू वादन किया। गुजरात से आई महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में नारे लगाए। काशी में आयोजित यह कार्यक्रम सोमनाथ अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में हुआ। दरअसल, 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में नव-निर्मित सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। इस ऐतिहासिक अवसर के 75 वर्ष पूरे होने पर देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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