Lucknow CityUttar Pradesh

यूपी : शत्रु संपत्तियों की ई-नीलामी 25 मई को…11 जिलों की 55 संपत्तियां होंगी शामिल

एमएसटीसी पोर्टल पर ऑनलाइन होगी बोली प्रक्रिया, अब तक यूपी में 300 शत्रु संपत्तियों की नीलामी से सरकार को करीब 150 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों ने की ज्यादा से ज्यादा लोगों से ई-नीलामी में हिस्सा लेने की अपील

लखनऊ, 21 मई 2026:

केंद्र सरकार 25 मई को उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में स्थित शत्रु संपत्तियों की ई-नीलामी कराने जा रही है। यह प्रक्रिया गृह मंत्रालय के अधीन कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी फॉर इंडिया के जरिए एमएसटीसी ई-ऑक्शन पोर्टल पर ऑनलाइन कराई जाएगी। नीलामी में प्रदेश की 55 संपत्तियां शामिल की गई हैं।

ई-नीलामी में लखनऊ की एक, पीलीभीत की तीन, एटा की छह, अयोध्या की तीन, मुजफ्फरनगर की दो, बांदा की दो, सुल्तानपुर की एक, बिजनौर की दस, बाराबंकी की एक, कौशाम्बी की 22 और मुरादाबाद की चार संपत्तियों को शामिल किया गया है।

नीलामी प्रक्रिया को लेकर लखनऊ के केंद्रीय भवन अलीगंज स्थित CEPI शाखा कार्यालय में उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। पत्र सूचना कार्यालय लखनऊ के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने अधिकारियों से नीलामी की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की बात कही।

ये भी पढ़ें:

अभिरक्षक शत्रु संपत्ति कार्यालय लखनऊ के उपसचिव राजेंद्र कुमार ने कहा कि लोग बड़ी संख्या में ई-नीलामी में भाग लें ताकि बोली से सरकार को बेहतर राजस्व मिल सके। उन्होंने बताया कि अब तक उत्तर प्रदेश में करीब 300 शत्रु संपत्तियों की नीलामी हो चुकी है, जिससे केंद्र सरकार को लगभग 150 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।

अधिकारियों ने बताया कि नीलामी के प्रचार के लिए संबंधित जिलों में विशेष कैंप लगाए गए। टीमों ने संपत्तियों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर समन्वय बनाया। नीलामी से जुड़ी जानकारी, आरक्षित मूल्य, ईएमडी और नियम-शर्तें एमएसटीसी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई हैं। इच्छुक लोग पोर्टल पर पंजीकरण कर ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं।

READ MORE 

ये भी पढ़ें  तिरुपति के लड्डू विवाद के बीच काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रसाद का 'रियलिटी टेस्ट'

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button