लखनऊ/आगरा, 22 मई 2026:
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि और 101 प्राचीन शिव मंदिरों की श्रृंखला के लिए मशहूर बटेश्वर धाम अब बड़े आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। केंद्र सरकार की एसएएससीआई योजना के तहत 71.50 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 56.11 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। पर्यटन विभाग के मुताबिक, परियोजना दिसंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बटेश्वर धाम के विकास से प्राचीन विरासत को नई पहचान मिलेगी, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। आगरा देशी-विदेशी पर्यटकों की पसंदीदा जगह बनकर उभरा है। वर्ष 2025 में यहां 1.83 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जो प्रदेश में बढ़ती पर्यटन गतिविधियों का संकेत है।

परियोजना के तहत बटेश्वर धाम को तीन हिस्सों में विकसित किया जाएगा। इनमें विजिटर सपोर्ट एवं आवास क्षेत्र, सूचना क्षेत्र और सेंट्रल लैंडस्केप क्षेत्र शामिल हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय, पुरुष और महिला यात्रियों के लिए अलग डॉरमेट्री बनाई जाएगी। करीब 20 कमरों की क्षमता वाले आवासीय ब्लॉक भी तैयार होंगे।
पर्यटकों के लिए कैफेटेरिया, फूड कियोस्क, स्मारिका दुकान, बच्चों का इंटरैक्टिव जोन और ओपन सीटिंग एरिया भी विकसित किए जाएंगे। आधुनिक पर्यटन सुविधा केंद्र के जरिए बटेश्वर आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव देने की तैयारी है।

सूचना क्षेत्र में डिजिटल तकनीक आधारित गैलरी बनाई जाएंगी। यहां वेदों और शिव पुराण की कथाओं को इंटरैक्टिव तरीके से दिखाया जाएगा। चार धाम गैलरी, समुद्र मंथन गैलरी और शिव सहस्रनाम से प्रेरित इंस्टॉलेशन इस परियोजना के बड़े आकर्षण होंगे। भगवान शिव के अलग-अलग स्वरूपों को आधुनिक प्रस्तुति के जरिए दर्शाया जाएगा।

सेंट्रल लैंडस्केप क्षेत्र को परियोजना का सबसे खास हिस्सा माना जा रहा है। यहां विशाल वटवृक्ष के साथ भगवान शिव की ध्यानमग्न प्रतिमा स्थापित होगी। इसके चारों ओर ध्यान पथ और शिव प्रांगण विकसित किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक माहौल का अनुभव मिलेगा।
परियोजना में पंचमहाभूत पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश पर आधारित पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन भी बनाया जाएगा। इसके अलावा 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियों वाला शिवलिंगम पार्क और यमुना व भगवान शिव के संबंध को दर्शाने वाला कालिंदी वनम भी तैयार होगा। परिसर में नंदी की विशाल प्रतिमा स्थापित करने की भी योजना है।
जयवीर सिंह ने कहा कि बटेश्वर धाम का समेकित विकास उत्तर प्रदेश को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। पर्यटन विभाग लोकप्रिय स्थलों के साथ कम चर्चित धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों को भी विकसित करने पर काम कर रहा है।






