लखनऊ, 24 मई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के अयोध्या हाईवे पर स्थित चार दशक पुराने कैलाशकुंज व्यावसायिक कॉम्पलेक्स की तस्वीर अब पूरी तरह बदलने जा रही है। जर्जर हो चुके इस कॉम्पलेक्स को ध्वस्त कर यहां 13 मंजिला आधुनिक और आलीशान बिल्डिंग बनाई जाएगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इसे शहर के री-डेवलपमेंट का मॉडल प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नई बिल्डिंग 45 मीटर ऊंची होगी। इसमें नीचे के तीन तल पर आधुनिक दुकानें और ऑफिस स्पेस विकसित किए जाएंगे और ऊपरी मंजिलों पर प्रीमियम 3 बीएचके फ्लैट्स बनाए जाएंगे।
एलडीए के अनुसार 6046 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने कैलाशकुंज कॉम्पलेक्स में वर्तमान में करीब 280 दुकानें हैं। हालिया सर्वे में पाया गया कि भवन कई स्थानों से जर्जर हो चुका है। बड़ी संख्या में दुकानें बंद पड़ी हैं। कॉमन एरिया और पार्किंग में अवैध कब्जे भी मिले हैं। प्राधिकरण का मानना है कि अयोध्या हाईवे जैसी प्राइम लोकेशन पर होने के बावजूद यह कॉम्पलेक्स अव्यवस्थाओं के कारण अपनी उपयोगिता खो चुका है।

पहले इस परियोजना को पीपीपी मोड पर विकसित करने की योजना थी लेकिन अब एलडीए खुद इसे विकसित करेगा। खास बात यह है कि पुराने आवंटियों को नई बिल्डिंग में सवा गुना ज्यादा क्षेत्रफल दिया जाएगा। यानी जिसकी दुकान अभी 100 वर्गफीट है उसे नई इमारत में 125 वर्गफीट की दुकान मिलेगी। इसी सहमति के लिए एलडीए आवंटियों से लगातार बातचीत कर रहा है।
कैलाशकुंज के बाद एलडीए की नजर अब अलीगंज और गोमतीनगर के पुराने कॉम्पलेक्सों पर भी है। अलीगंज सेक्टर-जी स्थित पुराने व्यावसायिक कॉम्पलेक्स के री-डेवलपमेंट का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। लगभग 11 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में बने इस कॉम्पलेक्स में फिलहाल करीब 100 दुकानें हैं। री-डेवलपमेंट के बाद यहां 14 मंजिला इमारत खड़ी होगी। इसमें 250 दुकानें और 72 प्रीमियम 3 बीएचके फ्लैट्स बनाए जाएंगे।
इसके अलावा गोमतीनगर स्थित उजाला कॉम्पलेक्स को भी आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी चल रही है। एलडीए की इस योजना से राजधानी के पुराने और जर्जर कॉम्पलेक्स जल्द ही हाईराइज आधुनिक टावरों में बदलते नजर आएंगे।






