लखनऊ, 24 मई 2026:
यूपी में भीषण गर्मी और लगातार हो रही बिजली कटौती से जनता परेशान है। लखनऊ समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। एक ओर लोग उमस और लू के बीच बिजली संकट से जूझ रहे हैं वहीं दूसरी ओर ऊर्जा विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यवस्था को नियंत्रण में बताने में जुटे हैं।
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अध्यक्ष एवं ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. आशीष गोयल ने प्रदेश की विद्युत व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने नोएडा, लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर समेत कई जिलों के मुख्य अभियंताओं से बिजली आपूर्ति की स्थिति पर जवाब-तलब किया।
बैठक में डॉ. गोयल ने साफ कहा कि भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही संवेदनशील इलाकों और उपकेंद्रों पर लगातार पेट्रोलिंग करने को कहा गया।

बढ़ते लोड और रात में अचानक ट्रिपिंग की घटनाओं पर चिंता जताते हुए यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने विजिलेंस टीमों के साथ संयुक्त जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने को कहा गया जहां बिजली चोरी या ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर फुंकने और लाइन ट्रिप होने की घटनाएं ज्यादा हो रही हैं।
बैठक में ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने, सामग्री की उपलब्धता और शिकायत निस्तारण की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने दावा किया कि सभी सब स्टेशनों पर रात्रिकालीन ड्यूटी लगाई गई है। वरिष्ठ अधिकारी देर रात तक मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हेल्पलाइन नंबर 1912 पर आने वाली शिकायतों के त्वरित समाधान और झटपट पोर्टल पर नए कनेक्शन के आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
डॉ. गोयल ने कहा कि गर्मी और लू के मौसम में सामान्य शटडाउन से बचा जाए और कहीं भी तार गिरने, ट्रांसफार्मर खराब होने या ट्रिपिंग जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने, जनप्रतिनिधियों और मीडिया से संवाद बढ़ाने तथा व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उपभोक्ताओं तक सही जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक नितीश कुमार ने भी राजस्व वसूली बढ़ाने और बिजनेस प्लान के कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। हालांकि सवाल अब भी यही है कि अफसरों के दावों और जमीनी हकीकत के बीच आखिर इतना बड़ा अंतर क्यों बना हुआ है।






