लखनऊ, 25 मई 2026:
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लेखपाल मुख्य परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और अफवाहों पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ संदेश दिया है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि 21 मई को आयोजित लेखपाल मुख्य परीक्षा प्रदेश के 44 जिलों में बनाए गए 861 केंद्रों पर पारदर्शिता, शुचिता और कड़ी निगरानी के बीच सफलतापूर्वक कराई गई थी।
इसके बावजूद कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर गलत तथ्यों और अपुष्ट सूचनाओं के जरिए परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर अभ्यर्थियों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। आयोग ने ऐसे तत्वों की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे भर्ती प्रक्रिया को संदेह के घेरे में लाने की साजिश करार दिया है।
आयोग की ओर से जारी बयान में परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई है। आयोग भर्ती प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी भी वायरल पोस्ट, भ्रामक विश्लेषण या अपुष्ट दावों पर भरोसा न करें और केवल आयोग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानें।
परीक्षा नियंत्रक ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने, अभ्यर्थियों को भड़काने या भर्ती प्रक्रिया की छवि खराब करने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ आयोग और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से कानूनी कार्रवाई करेंगे। आयोग ने दोहराया कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार पिछले कुछ समय से भर्ती परीक्षाओं को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता लगातार बढ़ा रही है। इसी रणनीति के तहत लेखपाल मुख्य परीक्षा भी व्यापक सुरक्षा इंतजामों और सतत निगरानी के बीच सम्पन्न कराई गई। आयोग के इस सख्त रुख को भर्ती प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।






