न्यूज डेस्क, 28 मई 2026:
पश्चिम एशिया में लागू नाजुक संघर्ष विराम एक बार फिर टूटने की कगार पर पहुंच गया है। अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक पोर्ट सिटी बंदर अब्बास में सैन्य ठिकानों पर ताजा हमले कर क्षेत्र में तनाव को खतरनाक स्तर तक बढ़ा दिया है। अमेरिकी सेना का दावा है कि ये कार्रवाई आत्मरक्षा और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई जबकि ईरान ने इसे युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार बंदर अब्बास स्थित उस सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया जहां से ईरान पांचवां ड्रोन हमला लॉन्च करने की तैयारी में था। अमेरिकी सेना ने यह भी दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास खतरा पैदा कर रहे ईरान के चार हमलावर ड्रोन मार गिराए गए हैं। ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास बंदरगाह के पूर्वी हिस्से में तेज धमाकों की पुष्टि की है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

बीते तीन दिनों में यह दूसरी बार है जब अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर सैन्य कार्रवाई की है। इससे पहले दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों और होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं को निशाना बनाया गया था। अमेरिका का कहना है कि उसकी सेना केवल अपने सैनिकों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए सीमित और रक्षात्मक कार्रवाई कर रही है।
दरअसल तीन महीने लंबे युद्ध के बाद अमेरिका और ईरान के बीच बेहद संवेदनशील युद्धविराम लागू हुआ था लेकिन ताजा हमलों ने उस समझौते की बुनियाद हिला दी है। संघर्ष का सबसे बड़ा असर दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट पर पड़ा है जहां हजारों व्यावसायिक तेल टैंकर जहाज फंसे हुए हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल मची हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराया है। ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसे लड़ाकू विमान समेत दूसरे ड्रोन पर भी फायरिंग की गई। हालांकि घटना के समय और स्थान को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैबिनेट बैठक में कहा कि ईरान दम टूटने की स्थिति में बातचीत कर रहा है। अमेरिका अपनी रणनीति से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने खाड़ी देशों से अब्राहम एकॉर्ड्स के तहत इसराइल के साथ संबंध सामान्य करने की अपील भी की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी शर्तें ईरान नहीं मानता तो अमेरिका फिर बड़े पैमाने पर बमबारी अभियान शुरू कर सकता है।






