लखनऊ, 2 जून 2026:
यूपी में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और लोगों के जीवन व संपत्ति की सुरक्षा के लिए योगी सरकार ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है। इसी क्रम में परिवहन विभाग ने अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से 20 से 26 मई तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। इस दौरान नियम तोड़ने वालों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार महज सात दिनों में प्रदेशभर में 57,186 चालान किए गए। 2,669 वाहनों को सीज किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और नागरिकों में जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति विकसित करना रहा।

सड़क हादसों में हेलमेट और सीट बेल्ट की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए विभाग ने इन दोनों बिंदुओं पर विशेष फोकस किया। अभियान के दौरान 23,758 दोपहिया वाहन चालकों का हेलमेट न पहनने पर चालान किया गया। वहीं 9,083 लोगों पर सीट बेल्ट का उपयोग न करने के कारण जुर्माना लगाया गया।
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग सड़क हादसों की बड़ी वजह माना जाता है। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने वाहन चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल करने वाले 3,676 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल पर बातचीत या संदेश पढ़ने से चालक का ध्यान भटकता है जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
अभियान के दौरान अनाधिकृत बस संचालन पर भी सख्ती दिखाई गई। प्रदेशभर में 1,502 अनधिकृत बसों का चालान किया गया जबकि 400 से अधिक बसों को सीज किया गया। इसके अलावा माल वाहनों में सवारी ढोने के मामलों में भी कार्रवाई करते हुए एक हजार से अधिक चालान किए गए और 91 वाहनों को सीज किया गया।

परिवहन विभाग के मुताबिक अभियान का उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना भी है। विभाग ने वाहन चालकों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवरलोडिंग से बचने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने की अपील की है। अधिकारियों का मानना है कि नियमों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी ही सड़क हादसों में कमी लाने का सबसे प्रभावी उपाय है।






