Lucknow City

डीएम के सामने पहुंचा जिंदा किसान, कहा…मुझे कागजों में मार डाला, जमीन हड़प ली, फिर ये हुआ

समाधान दिवस में आये मामले पर डीएम ने तहसीलदार को लगाई फटकार, खतौनी में नाम दर्ज करने के निर्देश, इसके अलावा धोखाधड़ी और अतिक्रमण की शिकायतों का लगा अंबार, सात दिन में मांगी रिपोर्ट

एमएम खान

मोहनलालगंज (लखनऊ), 6 जून 2026:

मोहनलालगंज तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया जब एक किसान ने जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर को बताया कि उसे सरकारी अभिलेखों में मृत दिखाकर उसकी जमीन दूसरे लोगों के नाम दर्ज कर दी गई। शिकायत सुनते ही जिलाधिकारी ने तहसीलदार को फटकार लगाई और तत्काल जांच कर किसान का नाम खतौनी में दर्ज कराने के निर्देश दिए।

तीन साल से खुद को जिंदा साबित करने के लिए दौड़ रहा काशी

समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने राजस्व, विकास और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई की। कार्यक्रम की शुरुआत में एडीएम सिटी एमपी सिंह और एसडीएम पवन पटेल ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। बाद में जिलाधिकारी के पहुंचने पर जनसुनवाई आगे बढ़ी। इस दौरान कई विभागों के अधिकारियों की गैरहाजिरी भी चर्चा का विषय रही। इसी दौरान रघुनाथ खेड़ा निवासी किसान काशी यादव सामने आए। उसने बताया कि वर्ष 2023 में लेखपाल ने उन्हें मृत दर्शाते हुए उनकी जमीन दूसरे लोगों के नाम दर्ज कर दी। उन्होंने कहा कि कई शिकायतों के बावजूद उन्हें इंसाफ नहीं मिला। इस पर जिलाधिकारी ने मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए।

बेसहारा महिला ने की जमीन पर कब्जे की शिकायत

ग्राम बहादुर खेड़ा मजरा सिकंदरपुर की रमापति साहू ने आरोप लगाया कि पति की मौत के बाद उनके जेठ राम दुलारे ने मकान और जमीन पर अवैध कब्जा कर निर्माण शुरू कर दिया है। विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी दी जा रही है। शिकायत में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे का भी आरोप लगाया गया। जिलाधिकारी ने एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी को मौके पर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

I Am Alive 'Dead' Farmer’s Struggle for Justice (1)

खेत में जाने से रोकने का आरोप

ग्राम भसंडा निवासी चुन्नू ने शिकायत की कि उन्होंने वर्ष 2019 में खरीदी गई जमीन पर कब्जा होने के बावजूद कुछ लोगों ने उन्हें खेत में जाने से रोक दिया। आरोप है कि विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। जिलाधिकारी ने राजस्व और पुलिस अधिकारियों को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

नाप-जोख के बाद भी नहीं मिला कब्जा

रामपुरगढ़ी जमुनी निवासी किसान कनकशील ने बताया कि एसडीएम कोर्ट के आदेश पर जमीन की पैमाइश हो चुकी है, लेकिन डेढ़ साल से उन्हें कब्जा नहीं मिल सका। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और राजस्व विभाग के चक्कर लगाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। जिलाधिकारी ने मौके पर जाकर कब्जा दिलाने और सात दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए।

भूखंड दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी

सुभाष नगर निवासी शालू मिश्रा ने शिकायत की कि वर्ष 2022 से 2024 के बीच भूखंड देने के नाम पर उनसे 2.71 लाख रुपये लिए गए, लेकिन न तो प्लॉट मिला और न ही रजिस्ट्री हुई। शिकायत में फर्जी दस्तावेज दिखाने और धमकाने का भी आरोप लगाया गया है। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

नाली व सड़क पर अतिक्रमण की शिकायत

खजुरिया गांव के लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जे और नाली बंद होने से जलभराव की समस्या उठाई। जिलाधिकारी ने लेखपाल और संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर अतिक्रमण हटाने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने कहा कि सात दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रफुल्ल शर्मा, एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश सिंह, एडीएम सिटी एमपी सिंह, एसडीएम पवन पटेल, एसीपी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

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