कानपुर, 9 फरवरी 2026:
कानपुर के वीआईपी रोड पर एक बेकाबू लैंबोर्गिनी कार ने ऑटो और बुलेट सवारों को टक्कर मार दी। हादसे में चार से अधिक लोग घायल हो गए। कार तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा के नाम पर रजिस्टर्ड है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कार शिवम खुद चला रहा था, जबकि पुलिस ने पहले अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और बाद में नाम जोड़ने की बात कही।
पूरा तमाशा रविवार दोपहर शुरू हुआ। करीब पौने दो बजे लैंबोर्गिनी कार परमट की ओर से ग्रीन पार्क की तरफ जा रही थी। रिंग रोड चौराहे के पास अचानक कार बेकाबू हो गई। पहले सड़क किनारे खड़े ऑटो को टक्कर मारी, फिर बुलेट सवार उसकी चपेट में आ गए। टक्कर के बाद कार फुटपाथ पर चढ़ गई। हादसे में बुलेट सवार विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी घायल हो गए, वहीं चमनगंज निवासी मोहम्मद तौफीक के पैर में गंभीर चोट आई।

घायल सोनू त्रिपाठी ने बताया कि वह और उनके रिश्तेदार विशाल बुलेट से आए थे और सड़क किनारे खड़े थे। तभी तेज रफ्तार लैंबोर्गिनी ने पहले ऑटो को टक्कर मारी और फिर उनकी बुलेट को ठोकर मारकर गिरा दिया। विशाल हवा में उछलकर दूर जा गिरा। अन्य दो लोग भी टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुए।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार के पीछे चल रही गाड़ी से आए बाउंसरों ने लोगों को धक्का देकर हटाने की कोशिश की। विरोध होने पर ईंट से कार का शीशा तोड़ा गया और चालक को बेहोशी की हालत में बाहर निकालकर निजी अस्पताल भेज दिया गया। आरोप है कि इसी दौरान कुछ सुरक्षाकर्मियों ने पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट तोड़ने की कोशिश भी की।

पुलिस की ओर से शुरुआती बयान में कहा गया कि चालक को दौरा आने के कारण हादसा हुआ। थाना प्रभारी ने भी तबीयत खराब होने की बात कही। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने दावा किया कि शिवम मिश्रा पूरी तरह होश में था और कार उसी ने चलाई थी। घायल मोहम्मद तौफीक की तहरीर पर ग्वालटोली थाने में करीब सात घंटे बाद रविवार रात FIR दर्ज की गई। उस वक्त आरोपी चालक का नाम अज्ञात रखा गया और गाड़ी नंबर के आधार पर केस लिखा गया।
सोमवार को पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि जांच में सामने आया है कि कार शिवम मिश्रा चला रहा था और अब उसका नाम FIR में जोड़ा जाएगा। हादसे के बाद लैंबोर्गिनी कार को ग्वालटोली थाने ले जाया गया, जहां उसे काले कवर से ढक दिया गया। पीड़ितों का आरोप है कि रसूख के चलते कार और आरोपी पर मेहरबानी दिखाई गई। थाने में भी बाउंसरों द्वारा अभद्रता किए जाने की बात सामने आई, जिस पर लोगों ने विरोध किया।
पुलिस के मुताबिक, कार को सीज कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि चालक को वास्तव में कोई मेडिकल समस्या थी या नहीं। कार को ढकने और देर से FIR दर्ज होने के कारणों की भी जांच होगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







