आगरा, 14 जून 2026:
यूपी के आगरा में आयोजित विजन इंडिया पीडीए बैठक में पहुंचे सपा मुखिया एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने रविवार को भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। प्रेस वार्ता में उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और उसकी जांच के लिए गठित एसआईटी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह सनातन धर्म के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के बाद अब मंदिर और साधुओं की जांच अधिकारी करेंगे। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि यदि कोई गलती हुई है तो कैमरा बंद करके आपस में बातचीत कर चढ़ावा वापस रख दिया जाए। प्रभु श्रीराम सबको माफ कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कैमरे और लाइट बंद कर दीजिए, प्रभु श्रीराम के सामने अपने आप चढ़ावा वापस रख दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी में वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग दिए जाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इतने बड़े नेता को सूक्ष्म विभाग मिला है, जबकि उसमें कोई विशेष बजट भी नहीं है।

समय से पहले विधानसभा चुनाव की अटकलों पर अखिलेश ने कहा कि जो सरकार ग्राम प्रधानों के चुनाव समय पर नहीं करा पा रही है, वह नवंबर में विधानसभा चुनाव कैसे कराएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा समाजवादियों की रणनीति जानने के लिए ऐसी चर्चाएं फैला रही है लेकिन सपा अपनी रणनीति सार्वजनिक नहीं करेगी।
गाजीपुर में कमलेश बिंद के एनकाउंटर का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे फर्जी करार दिया और आरोप लगाया कि सरकार फेक एनकाउंटर में विशेषज्ञ बन चुकी है। उन्होंने कहा कि कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है और भ्रष्टाचार बढ़ा है।
ईवीएम से जुड़े मुद्दे पर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में ईवीएम में लगी आग के पीछे राज खुलने का डर हो सकता है। कांग्रेस की 403 सीटों पर तैयारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस और सपा दोनों पूरी तैयारी कर रही हैं। भाजपा को हराने की संभावना और मजबूत होगी।
अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा नकारात्मक राजनीति करती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा उत्तर प्रदेश में राजनीतिक रूप से हार चुकी है। अब बेईमानी का रास्ता अपनाने की कोशिश करेगी। अंत में उन्होंने पीडीए की नई व्याख्या करते हुए कहा कि इसका अर्थ प्रेम, दया और अपनापन है और यही प्रदेश को आगे बढ़ाने का रास्ता है।






