लखनऊ, 7 जून 2026:
यूपी पुलिस और उसकी कार्यप्रणाली पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा कि जिस दौर में पुलिस ही अपराधी की भूमिका में आ जाए, वही असली ‘कलयुग’ है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा कि हाईकोर्ट की टिप्पणी ने भाजपा शासन के दौरान पुलिसिया कार्यशैली और कथित ज्यादतियों की तस्वीर उजागर कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नैतिकता, निष्पक्षता, ईमानदारी और इंसाफ जैसे मूल्यों से दूर हो चुकी है। ऐसी स्थिति में उसे शासन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचता।
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा राज में पुलिस सत्ता के राजनीतिक हितों को साधने का माध्यम बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान और कानून के दायरे में काम करने के बजाय कुछ पुलिस अधिकारी अवैधानिक और आपराधिक तरीकों का सहारा लेकर राजनीतिक लाभ पहुंचाने में जुटे हैं। अखिलेश ने भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और संविधान हमेशा सर्वोपरि रहेगा।
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान यूपी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदेश में कुछ पुलिस अधिकारियों के लिए संविधान और कानून से अधिक राजनीतिक आकाओं को खुश रखना महत्वपूर्ण हो गया है। अदालत ने यह भी कहा कि ‘मलाईदार’ तैनाती पाने की चाह में कुछ अधिकारी अवैध गिरफ्तारियों और फर्जी मुठभेड़ों जैसे गंभीर कदम उठाने से भी नहीं हिचकते, क्योंकि उन्हें भरोसा रहता है कि राजनीतिक संरक्षण उन्हें बचा लेगा।
हाईकोर्ट ने अपने अवलोकन में कहा कि प्रदेश में कानून का शासन कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है और उसकी जगह अधिकारियों की मनमानी तथा राजनीतिक आकाओं को खुश करने की प्रवृत्ति हावी होती जा रही है। अदालत की इस टिप्पणी के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकार पर बड़ा हमला बोलने का मुद्दा बना लिया है।






