
लखनऊ/अमेठी, 30 जून 2026:
यूपी का अमेठी जिला बुधवार को अपनी स्थापना की 16वीं वर्षगांठ मनाएगा। एक जुलाई 2010 को जिले के गठन के बाद लंबे समय तक पर्यटन विकास की गति सीमित रही लेकिन वर्ष 2017 के बाद तस्वीर तेजी से बदली। राज्य सरकार ने धार्मिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के विकास को प्राथमिकता देते हुए अनेक परियोजनाओं को मंजूरी दी। वर्ष 2017 से वित्तीय वर्ष 2026-27 तक जिले में करीब 30.39 करोड़ रुपये की पर्यटन विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
इन योजनाओं से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होने के साथ अमेठी अब प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि अमेठी को धार्मिक, आध्यात्मिक और प्रकृति पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। जायस स्थित बाबा गोरखनाथ की तपोस्थली का व्यापक विकास कराया जा रहा है। यहां गुरु गोरखनाथ की योग मुद्रा में 25 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
इसके अलावा गौरीगंज स्थित हनुमानगढ़ी गौरा का पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण भी कराया जा रहा है। इसी क्रम में बहादुरपुर क्षेत्र के ग्राम पीढ़ी स्थित तपेश्वर नाथ धाम मंदिर तथा परम संत कबीर साहेब की बैठका का कायाकल्प किया जा रहा है। वहीं, मुसाफिरखाना के ग्राम नारा अढ़हनपुर स्थित बाबा महावीर दास मंदिर को भी आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है। प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काटूनाला वन्यजीव क्षेत्र को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं से अमेठी का पर्यटन परिदृश्य पूरी तरह बदलेगा। इससे जिले में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को पर्यटन के माध्यम से नई पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अमेठी की परियोजनाएं इसी सोच का हिस्सा हैं। इनसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि जिले में पर्यटन विकास की सभी परियोजनाओं पर चरणबद्ध तरीके से कार्य कराया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के साथ-साथ ईको-टूरिज्म स्थलों का भी समग्र विकास सुनिश्चित हो। बेहतर आधारभूत सुविधाओं के विकास के जरिए अमेठी को उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।






