Delhi

“दिल्ली में 37 साल तक नहीं हुए विधानसभा चुनाव, केंद्र सरकार के हाथों में रहा शासन”

नई दिल्ली,24 दिसंबर 2024

दिल्ली में 1956 से लेकर 1993 तक विधानसभा चुनाव नहीं हुए, जब तक केंद्र सरकार ने इसे एक केंद्र शासित प्रदेश बना दिया। इसके बाद, दिल्ली की जिम्मेदारी पूरी तरह उपराज्यपाल के हाथों में थी। 1955 में राज्य पुनर्गठन आयोग के गठन और दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद, दिल्ली में कोई विधानसभा नहीं थी और दिल्ली के प्रशासन का नियंत्रण केंद्र सरकार के पास था। दिल्ली में मेट्रोपॉलिटन काउंसिल का गठन हुआ था, लेकिन इसका कोई वास्तविक राजनीतिक प्रभाव नहीं था, और इसकी शक्तियां सीमित थीं।

1989 में सरकारिया कमेटी द्वारा दिल्ली को राज्य का दर्जा देने की सिफारिश की गई और 1991 में संसद में 69वां संविधान संशोधन पारित हुआ, जिसके बाद दिल्ली में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। 1993 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए और बीजेपी ने बहुमत हासिल कर मदनलाल खुराना को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद से दिल्ली में विधानसभा चुनाव लगातार होते रहे हैं, और अब तक सात चुनाव हो चुके हैं। वर्तमान में आम आदमी पार्टी सत्ता में है।

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