
बदायूं,3 दिसंबर 2024
शम्सी जामा मस्जिद और नीलकंठ महादेव मंदिर विवाद में मंगलवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट ने हिंदू पक्ष की याचिका को स्वीकार करते हुए 10 दिसंबर को अगली सुनवाई की तारीख तय की। फिलहाल, याचिका की पोषणीयता पर बहस जारी है। हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद नीलकंठ महादेव मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे झूठा बताते हुए 850 साल पुराने मस्जिद निर्माण का दावा कर रहा है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपनी-अपनी दलीलें पेश करने का आदेश दिया है।मामला 2022 में दायर याचिका से जुड़ा है, जिसे लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई गई है।
हिंदू पक्ष का कहना है कि एएसआई सर्वे से सच्चाई सामने लाई जाए, जबकि मुस्लिम पक्ष ने ऐतिहासिक तथ्यों और प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 का हवाला दिया। इसी मुद्दे पर ओवैसी ने भी विवादित टिप्पणियां कीं। इससे पहले, इसी तरह के दावे संभल की शाही जामा मस्जिद पर भी किए गए थे, जिसके बाद हिंसा में चार लोगों की जान गई थी। अब इस विवाद पर बदायूं की अदालत का निर्णय 10 दिसंबर को आ सकता है।






