Barabanki News : जिला जज के फरमान पर भड़के वकील, वाहनों की नो एंट्री के खिलाफ कचहरी गेट पर धरना-प्रदर्शन
दो दिन पुराने फैसले के खिलाफ जिला बार एसोसिएशन ने किया था विरोध का ऐलान, गेट नंबर-1 पर वाहनों की एंट्री बंद होने पर जताया एतराज, कहा- बुजुर्ग वकीलों की परेशानी पर ध्यान नहीं दिया गया, चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात

बाराबंकी, 6 अक्टूबर 2026:
यूपी के बाराबंकी जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के वाहनों की एंट्री बंद किए जाने को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन हुआ। जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर सैकड़ों अधिवक्ता सामूहिक अवकाश पर रहे। उन्होंने गेट नंबर-1 के सामने धरना देकर जिला जज के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की।
गेट नंबर-1 पर धरने पर बैठे वकील
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी ने सोमवार को ही आज के आंदोलन का ऐलान कर दिया था। यहां तक कहा गया था वकील कामकाज नहीं करेंगे और अगर कोई काम करता मिला तो 500 रुपया जुर्माना देना होगा। इसी के तहत मंगलवार की सुबह गेट पर वकील जुटने लगे। करीब 10:30 बजे जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी, महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव, मंत्री प्रकाशन अमित सिंह सूर्यवंशी, पुस्तकालय अध्यक्ष रूबी सिंह समेत तमाम अधिवक्ता गेट नंबर-1 पर पहुंचे। वाहनों की एंट्री पर रोक के विरोध में उन्होंने प्रदर्शन किया।
बुजुर्ग अधिवक्ताओं की परेशानी का मुद्दा, अन्य मांगें भी गिनाईं
अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी ने कहा कि वाहनों की एंट्री बंद होने से बुजुर्ग और चलने में असमर्थ अधिवक्ताओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दूसरे जरूरी वाहनों को कचहरी परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है तो अधिवक्ताओं के वाहनों को क्यों रोका जा रहा है। इसके अलावा अदालत में वकीलों के बैठने की व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया। कहा कि टीन शेड पुराने हो चुके हैं। कुर्सी मेजों की हालत जर्जर है फिर भी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। ये रवैया तानाशाही से भरा है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
4 अक्टूबर से लगी है वाहनों की एंट्री पर रोक, कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए कचहरी परिसर में चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही। क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार भी मौके पर मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने जिला जज के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की। जिला न्यायाधीश के आदेश के बाद 4 अक्टूबर से गेट नंबर-1 से अधिवक्ताओं के वाहनों की एंट्री बंद है। इस गेट से सिर्फ न्यायाधीशों के वाहन, मुलजिमों की गाड़ियां और पानी सप्लाई वाले वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है।
सामूहिक अवकाश में अदालती काम पर जुर्माना
जिला बार एसोसिएशन ने 6 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश का ऐलान किया था। इसके तहत अधिवक्ताओं ने मंगलवार को अदालती काम से दूरी बनाई। एसोसिएशन की ओर से अदालती काम में शामिल होने वाले अधिवक्ताओं पर 500 रुपये जुर्माना लगाने की बात कही गई है। फिलहाल धरना प्रदर्शन व नारेबाजी से अदालत का कामकाज प्रभावित है। वहीं पुलिस अफसर मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।






