सीतापुर, 22 अप्रैल 2026:
रेउसा इलाके का एक युवक फर्जी वीजा के चक्कर में सात समंदर पार ओमान की जेल पहुंच गया। उसकी रिहाई का इंतजार कर थक चुकी मां ने अब पुलिस से गुहार लगाई है। उसका आरोप है सीतापुर के एक कथित भाकियू नेता और उसके साथियों ने धोखाधड़ी की है। ये लोग हैंडलूम की दुकान के बहाने गोरखधंधा चला रहे हैं। कोतवाली नगर पुलिस ने भाकियू नेता व उसके साथियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
रेउसा के खानपुर गांव की रहने वाली नूरजहां का कहना है कि उसका 22 साल का बेटा हासिम बाटी-चोखा बेचकर घर चलाता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात मोहम्मद जुबेर अहमद अंसारी से हुई, जो खुद को भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रशक्ति) का प्रदेश महासचिव बताता था।
आरोप है कि जुबेर ने विदेश भेजने का झांसा देकर हासिम को अपने जाल में फंसा लिया। उसने ओमान भेजने के नाम पर 1 लाख 15 हजार रुपये लिए और फर्जी वीजा पर उसे विदेश भेज दिया। परिवार को भरोसा दिलाया गया कि बाद में तीन साल का वैध वीजा भेज दिया जाएगा।
नूरजहां के मुताबिक, ओमान पहुंचने के बाद हासिम एक होटल में काम करने लगा। कुछ समय बाद जांच के दौरान उसके पास वैध वीजा नहीं मिला, जिसके चलते उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वह फिलहाल ओमान की जेल में बंद है।
मां का कहना है कि जुबेर और उसके दो-तीन साथी मिलकर सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगते हैं। सीतापुर के ग्रीक गंज इलाके में दानिस हैंडलूम नाम से दुकान के भीतर इस तरह का फर्जी धंधा चलाया जा रहा था। वहीं से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट किया जाता था। नूरजहां ने फर्जी वीजा तैयार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने की मांग की है।






