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अयोध्या पहुंचे बृजभूषण शरण, कहा…चुनाव के लिए नहीं आता, यहां विनय कटियार का पहला हक

हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत, लोकसभा चुनाव लड़ने से किया साफ इनकार, यूजीसी पर कहा देश बड़े विवाद से बच गया

अयोध्या, 31 जनवरी 2026:

राष्ट्रकथा के समापन के बाद भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह पहली बार अयोध्या पहुंचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया और इसके बाद मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अयोध्या-फैजाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।

दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने साफ कहा कि वह बचपन से अयोध्या आते रहे हैं और यहां कभी चुनाव के मकसद से नहीं आए। मेरा चुनाव लड़ने का सवाल ही नहीं उठता। अयोध्या में चुनाव लड़ने का पहला हक वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार का है। उन्होंने कहा कि वे चाहेंगे कि विनय कटियार को ही अयोध्या से चुनाव लड़ाया जाए। विनय कटियार कई बार यहां से सांसद रह चुके हैं और उनका अयोध्या पर पहला हक बनता है।

उन्होंने बताया कि नंदिनीनगर में राष्ट्रकथा का आयोजन हर साल होता रहेगा। जब तक मैं जीवित रहूंगा, यह परंपरा अनवरत चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि 8 जनवरी को उनका जन्मदिन था, लेकिन राष्ट्रकथा के कारण व्यस्तता रही। इसके अलावा हेमंत दास के न रहने से भी वे पहले अयोध्या नहीं आ सके।

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यूजीसी से जुड़े विवाद पर बृजभूषण शरण सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया। उन्होंने कहा कि देश एक बड़े विवाद से बच गया है और अब यह मुद्दा खत्म हो चुका है। अगर यूजीसी उसी रूप में लागू होती तो देश का ताना-बाना बिगड़ सकता था। हनुमानगढ़ी की पावन धरती पर खड़े होकर उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली किसी भी सोच से बचना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि उनके विद्यालयों में हर जाति के लोग आते हैं और खेलते हैं। कुश्ती के मैदान में कभी जाति नहीं पूछी जाती। हनुमानगढ़ी में जब वे कुश्ती लड़ते थे, तब किसी से उसकी जाति नहीं पूछी जाती थी। खिलाड़ी की पहचान उसके खेल से होती है, न कि उसकी जाति से।

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