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CEC ज्ञानेश के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष: राजघाट पहुंचा INDIA गठबंधन, राहुल बोले- ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आर-पार की लड़ाई

तीसरे दिन भी दिल्ली की सड़कों पर विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका समेत बहुत से सांसदों ने राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना, पुलिस ने धारा 163 लागू कर बढ़ाई सुरक्षा, राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए फिर मांगा समय

न्यूज डेस्क, 8 अक्टूबर 2026:

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन थम नहीं रहा है। दिल्ली में विपक्ष का आंदोलन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में INDIA गठबंधन के सांसद पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लंच में जुटे और इसके बाद बसों में सवार होकर राजघाट पहुंचे। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और खड़गे समेत विपक्षी नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और शांतिपूर्ण धरना देने का ऐलान किया।

विपक्ष का यह प्रदर्शन चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच हो रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। इनका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए। सपा, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी) समेत कई विपक्षी दलों के सांसद प्रदर्शन में शामिल हुए।
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राजघाट रवाना होने से पहले राहुल गांधी ने दावा किया कि राज्यसभा और लोकसभा के करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं लेकिन उन्हें लगातार रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले चुनाव आयोग के कार्यालय के सामने जाने से रोका गया और फिर जंतर-मंतर जाने की कोशिश भी नाकाम कर दी गई। राहुल ने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट का भी आरोप लगाया।

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राहुल गांधी ने सरकार और चुनाव आयोग पर बेहद तीखा हमला बोलते हुए नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने कथित तौर पर मिलकर देश को ‘हाइजैक’ किया और संविधान को नुकसान पहुंचाया। राहुल ने ‘वोट चोरी’ का आरोप दोहराते हुए कहा कि विपक्ष इन सभी को ‘इंसाफ के कटघरे’ तक ले जाने की गारंटी देता है।

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उधर, राजघाट पर विपक्ष के प्रदर्शन के ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस ने वहां भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। राजघाट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाते हुए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।

पिछले दो दिनों में भी विपक्ष और पुलिस के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग की ओर मार्च किया था। इसके बाद राहुल गांधी समेत कई सांसदों ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया। 7 अक्टूबर को जंतर-मंतर जाने की कोशिश के दौरान कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
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विपक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय भी मांगा है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार 2 अक्टूबर को पहली चिट्ठी भेजी गई थी और 5 अक्टूबर को नेताओं के नामों के साथ दोबारा अनुरोध किया गया। विपक्ष 8 या 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति से मिलना चाहता है।

विपक्ष ने साफ कर दिया है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं चुनाव आयोग और भाजपा, विपक्ष के आरोपों को खारिज करते रहे हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि SIR मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करने की प्रक्रिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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