लखनऊ, 24 मार्च 2026:
प्रदेश में निवेश का माहौल मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में ‘निवेश मित्र 3.0’ की शुरुआत की वहीं अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों को 2781 करोड़ रुपये का इंसेंटिव दिया गया। वही यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025 का भी शुभारंभ किया।
सीएम ने कहा कि इन फैसलों से करीब 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ होगा। इससे करीब 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के मौके बन सकते हैं। कार्यक्रम में मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, आयरन और स्टील जैसे सेक्टर की परियोजनाएं शामिल रहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपराधी कोई भी हो, माफिया कोई भी हो, किसी भी प्रकार का कोई सरपरस्त क्यों न हो, अगर उसने कहीं दुस्साहस किया तो ये मानकर चलिए कि वह यमराज के पास जाने के लिए अपना टिकट काट रहा है। प्रदेश में अब निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ा है। पहले जो निवेशक यहां आने से कतराते थे, अब वही आगे बढ़कर निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कानून व्यवस्था में सुधार, बेहतर सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और डिजिटल सिस्टम को इसकी बड़ी वजह बताया।
‘निवेश मित्र 3.0’ को उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के तौर पर पेश किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर 40 से ज्यादा विभागों की 500 से अधिक सेवाओं को समेटकर करीब 200 सेवाओं में बदला गया है। निवेशक एक ही जगह से आवेदन कर सकते हैं, स्टेटस देख सकते हैं और मंजूरी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं।

इस सिस्टम में पैन आधारित सिंगल यूजर आईडी, डायनेमिक फॉर्म, रियल टाइम ट्रैकिंग, ऑटो अलर्ट और एंड टू एंड ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इसे एनएसडब्ल्यूएस, आईजीआरएस और जीआईएस लैंड बैंक से भी जोड़ा गया है, जिससे निवेशकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत कम होगी।
सरकार ने लैंड यूज से जुड़ी प्रक्रिया को भी सरल करने का फैसला किया है। अब मास्टर प्लान के तहत नक्शा पास होते ही जमीन का इस्तेमाल स्वतः मान्य माना जाएगा। इससे उद्योग लगाने में लगने वाला समय घटेगा और कागजी प्रक्रिया कम होगी। निजी बिजनेस पार्क नीति को भी निवेश बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इसके तहत निवेशक प्लग एंड प्ले मॉडल पर उद्योग लगा सकेंगे। सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी, जबकि निवेशक अपने स्तर पर पूंजी लगाएंगे। तय व्यवस्था के तहत रेवेन्यू साझा किया जाएगा।
सरकार ने स्किल डेवलपमेंट पर भी फोकस बढ़ाया है। उद्योगों की जरूरत के हिसाब से कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए विशेष सेल बनाया गया है। साथ ही नए उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल के जरिए मार्गदर्शन और सहयोग दिया जाएगा।

सीएम ने कहा कि पहले जहां एलओसी जारी होने की रफ्तार काफी धीमी थी, अब इसमें तेजी आई है। अलग-अलग सेक्टर की परियोजनाओं को इंसेंटिव देकर सरकार रुके हुए प्रोजेक्ट्स को भी आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। खासकर फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में नए निवेश को लेकर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उद्योगों के कामकाज में किसी तरह की रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कहीं से भी शिकायत मिलती है तो तुरंत कार्रवाई की जाती है। निवेशकों को सुरक्षित माहौल देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सुनील कुमार शर्मा, जसवंत सैनी समेत कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






