
देहरादून, 25 अगस्त 2026:
उत्तराखंड के सशक्त बहना उत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं से बातचीत की व राखी बंधवाई। महिलाओं ने बताया कि सरकारी योजनाओं से उन्हें अपना काम शुरू करने में मदद मिली। कई महिलाएं अब समूह बनाकर स्थानीय उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिन्हें बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।

चुनौतियां और सहयोग की कहानी साझा की
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के दौरान महिलाओं का सहज अंदाज भी नजर आया। किसी ने उन्हें बड़ा भाई कहा तो किसी ने गुरु-शिष्य के रिश्ते की बात की। महिलाओं ने अपने काम, चुनौतियों से लेकर आगे बढ़ने के अनुभव मुख्यमंत्री के सामने साझा किए।
डोईवाला की महिला बोली- आप हमारे बड़े भाई
संवाद के दौरान डोईवाला की एक महिला ने मुख्यमंत्री को प्रदेश की महिलाओं का बड़ा भाई बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सरकारी योजनाओं से अपने हुनर को काम में बदलने का मौका मिला है। इससे कई परिवारों की आमदनी बढ़ी है, साथ ही महिलाओं में अपने दम पर आगे बढ़ने का भरोसा भी आया है।

अन्य महिलाओं को भी मिला रोजगार
महिला ने बताया कि उनके समूह से जुड़ी महिलाएं मसाले, अचार, धूप समेत कई स्थानीय उत्पाद तैयार कर रही हैं। मसाला यूनिट का मासिक कारोबार करीब तीन से चार लाख रुपये तक पहुंच गया है। इससे 10 से 15 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। समूह ने दाल-बड़ी यूनिट भी शुरू की है।
पांच लाख की मदद से शुरू की कैंटीन
महिला ने बताया कि सरकार की ओर से मिली पांच लाख रुपये की सहायता से कैंटीन शुरू की गई। उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद मिलने से महिलाओं को अपना काम शुरू करने का रास्ता मिला। पहले जो महिलाएं सीमित दायरे में काम करती थीं, वे अब समूह के जरिए कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान महिला ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं उन्हें सिर्फ मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं देखतीं, बल्कि बड़े भाई जैसा अपनापन महसूस करती हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओं से मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।

पौड़ी की महिला बोली, हमारा रिश्ता गुरु-शिष्य जैसा
पौड़ी गढ़वाल की एक महिला ने मुख्यमंत्री का अभिवादन राधे-राधे से किया। बातचीत के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ अपने रिश्ते को गुरु-शिष्य जैसा बताया। उनका कहना था कि जिस तरह गुरु आगे बढ़ने की दिशा दिखाता है, उसी तरह सरकार से मिले मार्गदर्शन ने उन्हें स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ने का हौसला दिया।
संसाधन मिले तो आत्मविश्वास जागा
महिला ने बताया कि शुरुआत में संसाधनों की कमी के साथ आत्मविश्वास की भी कमी थी। सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के बाद उन्होंने बकरी पालन को स्वरोजगार का जरिया बनाया। इसके बाद समूह की दूसरी महिलाएं भी अलग-अलग कामों से जुड़ती चली गईं।
सचिवालय में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का शुभारंभ किया। इस दौरान मातृशक्ति द्वारा तैयार की गई राखी क्रय कर उन्हें प्रोत्साहित भी किया।
इसके उपरांत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी मातृशक्ति से संवाद कर उनके… pic.twitter.com/padasiZFag
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 24, 2026
अचार, धूपबत्ती से राखी तक तैयार कर रहीं महिलाएं
पौड़ी के समूह से जुड़ी महिलाएं सिलाई के साथ अचार, धूपबत्ती, होली के रंग, राखियां समेत कई उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया जा रहा है। महिला ने कहा कि आज वह पूरे आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री के सामने बैठकर अपने काम की जानकारी दे पा रही हैं।
स्वरोजगार से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास
सशक्त बहना उत्सव में महिलाओं ने अपनी कहानियों के जरिए बताया कि सरकारी योजनाओं से मिली मदद ने उन्हें सिर्फ आर्थिक सहारा नहीं दिया, बल्कि अपना काम शुरू करने का मौका भी दिया। समूहों के जरिए महिलाएं स्थानीय उत्पाद तैयार कर रही हैं, कारोबार चला रही हैं, दूसरे लोगों को काम दे रही हैं।






